उत्तराखंड में आज हरेला पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं दी हैं।
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि हरेला पर्व परंपराओं और संस्कृति से जुड़ा पर्यावरण संरक्षण का पर्व है। पर्यावरण को बचाने के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करना होगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपने घरों व आसपास पौधारोपण कर इनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पर्यावरण को समर्पित ‘‘हरेला‘‘ पर्व उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक परम्परा का प्रतीक है। यह त्योहार सम्पन्नता, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का सन्देश देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलाई एवं अगस्त माह का समय वृक्षारोपण के लिए सबसे उपयुक्त है। हमें अपनी परम्पराओं एवं परिवेश को बढ़ावा देना होगा। प्रकृति को महत्व देने की हमारी परम्परा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरेला सुख-समृद्धि व जागरूकता का भी प्रतीक है। पर्यावरण बचाने की संस्कृति की ऐसी सुंदर झलक देवभूमि उत्तराखंड में ही दिखती है। आने वाली पीढ़ी को शुद्ध हवा व वातावरण मिल सके इसके लिए सबको वृक्षारोपण व पर्यावरण संरक्षण की ओर ध्यान देना होगा। ग्लोबल वर्मिंग की समस्या से आज दुनिया भर के देश चिंतित हैं। यह पर्व ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ लड़ने का संदेश भी देता है।
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