हर नए दिन के साथ कोरोना के खिलाफ लड़ाई और तेज और असरदार होती जा रही है। सरकार और प्रशासन अपने स्तर पर हर किसी को जरूरी मेडिकल सुविधाएं देने की कोशिश कर रही है।
बावजूद इसके कोरोना की लड़ाई में सबसे कारगर मास्क की किल्लत हो गई। जिसे दूर करने के लिए कई संगठन सामने आए हैं। जो तेजी से बड़ी तादाद में मास्क तैयार कर रहे हैं। अल्मोड़ा में आजीवका योजना के तहत 45 महिला सहयता समूह से जुड़ी 600 महिलाओ ने लॉक डावन के बाद अब तक एक लाख मास्क तैयार किये हैं। खास बात ये है कि ये मास्क कपड़े के हैं जिसे इस्तेमाल करने के बाद धुलकर दोबारा भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
ये मास्क 11 विकासखंड में कार्यरत एएनएम और दूसरे स्वाथ्य कर्मियों के लिए तैयार किया जा रहा है। इस मास्क की कीमत भी काफी कम है। बाजार में मिल रहे मास्क ये कपड़े के बने मास्क सस्ते हैं। इन मास्कों को सभी पंचायतों में आशा और आंगन बाड़ी के माध्यम गांव-गांव तक भी पहुंचाया जा रहा है।
एक तरफ जहां कुछ संगठन और प्रशासन अपने स्तर पर कोरोना से लड़ाई जीतने के लिए हर मुमकिन कोशिश में जुटा है। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों की लापरवाही उनके किये पर पानी फेर दे रही है। खबरों के मुताबिक कुछ लोग अभी भी ठीक से लॉकडाउन का पालन नहीं कर रहे हैं। पुलिस ऐसे लोगों से सख्ती से निपट रही है।
अल्मोड़ा से हरीश की रिपोर्ट
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