उत्तराखंड में अक्टूबर के महीने में पंचायत चुनाव होना है। निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तैयारी पूरी कर ली है। इस बीच नैनीताल हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है।
हाईकोर्ट ने पंचायती राज संशोधन अधिनियम के उस प्रावधान को खारिज कर दिया है। जिसमें दो बच्चों से ज्यादा वाले माता-पिता के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई थी। कोर्ट के इस फैसले का मतलब ये है कि अब राज्य में दो बच्चों से ज्यादा वाले माता-पिता भी पंचायत चुनाव लड़ सकते हैं। हाईकोर्ट ने अनपे फैसले में ये भी साफ कर दिया कि ये संशोधन 25 जुलाई, 2019 से लागू होंगे। इस फैसले का मतलब ये है कि जिन लोगों के तीसरे बच्चे का जन्म 25 जुलाई, 2019 के बाद होगा वो पंचायत चुनाव में उम्मीदवारी के लिए अयोग्य होंगे।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की की खंडपीठ ने ये आदेश पारित किया। प्रदेश के 12 जिलों में 6 से 16 अक्टूबर के बीच तीन चरणों में पंचायत चुनाव होने हैं। चुनाव के नतीजे 21 अक्टूबर को आएगा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो जाएगी।
दो से ज्यादा बच्चों वाले लोगों पर चुनाव लड़ने से रोक लगाने के फैसले को कोटाबाग के रहने वाले मनोहर लाल और पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट और अन्य ने याचिका दायर कर चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया था कि सरकार ये संशोधन पिछली तारीख से लागू कर रही है और इसके लिए जरूरी 300 दिन की ग्रॉस अवधि भी नहीं दी जा रही है। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ये ऐतिहासिक फैसला दिया है।
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