फोटो: सोशल मीडिया
केंद्र की आयुष्मान भारत हेल्थ स्कीम की तरह ही उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने अटल आयुष्मान योजना लॉन्च की थी। जिसके तहत सरकार ने 1500 से ज्यादा बीमारियों के लिए पैकेज रेट निर्धारित कर रखे हैं।
कुछ वक्त में ही हालत ये है कि सूबे से कई प्राइवेट अस्पताल अटल आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड पर मरीजों का इलाज करने से हाथ पीछे खींच रहे हैं। प्रदेश सरकार की कोशिशों के बावजदू प्राइवेट हॉस्पिटल अनुबंध करने को तैयार नहीं है। निजी अस्पताल पैकेज रेट कम होने का तर्क देकर गोल्डन कार्ड पर मरीजों का इलाज करने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
आपको बता दें फिलहाल 170 से ज्यादा सरकारी और निजी अस्पताल इस हेल्थ स्कीम के तहत रजिस्टर्ड हैं। जहां गोल्डन कार्ड पर मरीजों को पांच लाख तक कैशलेस इलाज कराने की सुविधा मिलती है। सरकार की कोशिश है कि इस स्कीम का फायदा ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सके इसीलिए वो ज्यादा से ज्यादा अस्पतालों को इस स्कीम के तहत रजिस्टर्ड कराना चाहती है। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक सूबे में अटल आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड पर अब तक 1.25 लाख मरीजों का कैशलेस इलाज किया जा चुका है। जिसमें करीब 116 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
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