ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट के बाद उत्तराखंड में शुरू होंगी कई बड़ी परियोजनाएं, चारधाम तक पहुंचेगी रेल

उत्तराखंड के नैनीताल-ऊधमसिंह नगर से बीजेपी सांसद अजय भट्ट ने बुधवार को लोकसभा में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग समेत प्रदेश की कई अहम रेल परियोजनाओं के बारे में प्रश्न पूछा।

बीजेपी सांसद अजय भट्ट उत्तराखंड से जुड़ी अलग-अलग रेल परिजनों के बार में केंद्रीय रेल मंत्री से जानकारी मांगी। उन्होंने लोकसभा में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग पर सवाल पूछते हुए कहा, “देश के प्रधानमंत्री जी और रेलमंत्री जी को मैं बधाई देता हूं कि जहां घास पकड़कर चारधाम जाते थे, वहां अब रेल दौड़ेगी। अभी 16 करोड़ रुपये की लागत से जो ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक प्रथम फेज में रेल परियोजना पर काम चल रहा था अब उसकी कीमत 42 करोड़ लगभग हो गई है। 126 किलोमीटर का यह रास्ता है और 16 कुल सुरंगे इसमें खुद रही हैं। 16 पुल इसमें लगेंगे। मैं मानीय रेलमंत्री जी से ये जानता चाहता हूं कि जो पूर्व में धनराशि दी गई थी वो धनराशि लगभग समाप्त हो गई है। ऐसे में आने वाले दिनों पूरी तरह से रेल कर्णप्रयाग तक जल्दी से जल्दी पहुंच सके इसके लिए आगामी धनराशि कब तक इस परियोजना के लिए दी जाएगी।”

बीजेपी सांसद अजय भट्ट ने दूसरा सवाल पूछा, “कर्णप्रयाग से आगे चारधाम से जुड़ी रेल परियोजना का सर्वे फाइनल लोकेशन लगभग पूरा हो गया है। मैं माननीय रेलमंत्री जी से ये भी जानना चाहता हूं कि कर्णप्रयाग से आगे चारों धाम तक रेल लाइन जोड़ने की सरकार की क्या योजना है।”

अजय भट्ट के सवालों का जवाब देते हुए रेल राज्यमंत्री सुरेश अंगड़ी चन्नबसप्पा ने कहा कि ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच रेल परियोजना पर अब तक 2 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो चुका है। काम फिलहाल जारी है। यह प्रजेक्ट देशभर के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। रेल राज्यमंत्री ने चारधाम को रेल लाइन से जोड़ने के सवाल पर कहा कि इसकी डिटेल ली जा रही है। फिलहाल ऋषिकेश से कर्णप्रयाग परियोजना पर कम चल रहा है।

बीजेपी सांसद अजय भट्ट ने एक और सवाल पूछा। बीजेपी सांसद ने लोकसभा में कहा, “दूसरी जो रेल लाइन के बारे मैंने सवाल पूछा है वो टनकपुर से बागेश्वर से बीच की है। इस परियोजना को लेकर सरकार की तरफ से जवाब आया है कि यहां रेल लाइन की संभाव्यता नहीं पाई गई है, इसलिए इसमें दोबारा से सर्वे हो रहा है। मेरा प्रश्न है कि सर्वेक्षण पूरा करने की कोई समयसीमा टनकपुर-बागेश्वर में रखी गई है? और दूसरा, रामनगर चौखुटिया-गैरसैंण, गैरसैंण हमारी राजधानी बनने वाली है। इसके बारे में भी सरकार की तरफ से जवाब आया है कि इसे लेकर सर्वे पूरा हो गया है। अगर सर्वे पूरा हो गया है तो उसपर काम कब तक शुरू किया जाएगा?”

रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी चन्नबसप्पा ने अजय भट्ट का जवाब देते हुए कहा, “टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन परियोजना 155 किलोमीटर की है। परियोजना की तैयारी चल रही है। एक बार परियोजना तैयार हो जाने पर इससे संबंधित अन्य विवरण अजय भट्ट जी को दे दिया जाएगा।”

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