टिहरी गढ़वाल के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला में शिक्षकों को विज्ञान की गतिविधि पर पुस्तिका पर निर्माण, विज्ञान रोचक बनाने और कबाड़ से जुगाड़ की जानकारी दी गई।
कबाड़ से जुगाड़ के तरीके के बारे में तो आपने सुना ही होगा। कैसे लोग घर के कबाड़ से नया आविष्कार तक कर डालते हैं। शिक्षक बच्चों को कुछ क्रिएटिव सिखा सकें। इसको ध्यान में रखते हुए टिहरी गढ़वाल के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला में शिक्षकों को विज्ञान की गतिविधि पर पुस्तिका पर निर्माण, विज्ञान रोचक बनाने और कबाड़ से जुगाड़ की जानकारी दी गई। डायट के प्रिसिंपल चेतन प्रसाद नौटियाल ने कार्यशाला का समापन करते हुए कहा कि शिक्षकों को लगातार नया सीखने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि डायट टिहरी को विज्ञान विषय में पूरे राज्य स्तर पर उत्कृष्टता केंद्र बनाया जाना है। इसके लिए कक्षा 6-10 तक विज्ञान विषय में गतिविधि पुस्तिका विकसित कर आवश्यक सामग्री को सूचीबद्ध की जाएगी। प्रशिक्षण प्राप्त संदर्भदाता 26 से 30 दिसंबर तक अपने ब्लॉक के सभी स्कूलों में जानकारी देंगे। इसके साथ ही 23 दिसंबर तक छात्रों को हेल्थ प्रोग्राम की जानकारी दी जाएगी।
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