आईएमए और बाबा रामदेव के बीच का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐलोपैथी को लेकर दिए बयान की वजह से बाबा रामदेव लगातार सुर्खियों में छाए हुए हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के कहने पर बेशक उन्होंने अपने बयान को लेकर माफी मांग ली है लेकिन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के साथ उनका छत्तीस का आंकड़ा बना हुआ है। इसी बीच हरिद्वार के कुछ ऐलोपैथी कोविड अस्पतालों में मरीजों को कोरोनिल खिलाए जाने पर आईएमए ने कड़ी आपत्ति जताई है।
इस मामले में आईएमए मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से शिकायत करने जा रहा है। आईएमए के प्रदेश सचिव डॉ अजय खन्ना ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि हरिद्वार के कुछ एलोपैथी कोविड अस्पतालों में मरीजों को दवाई के नाम पर कोरोनिल भी दी ला रही है।
उन्होंने इसपर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस संदर्भ में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और मुख्य सचिव ओम प्रकाश को पत्र लिखा जाएगा।उन्होंने कहा कि नेशनल मेडिकल कमीशन के आर्टिकल 34 में साफ लिखा गया है रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिसनर्स ही मरीजों को दवाई लिख सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आईएमए इस बात की जांच कर रहा है कि अस्पतालों में मरीजों को कोरोनिल कैसे दी जा रही है। उन्होंने कहा कि काउंसिल के नियमों के हिसाब से मिक्सचर पैथी नहीं हो सकती और मिक्सचर पैथी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोनिल कोरोना की दवाई नहीं है। इसके बावजूद इसे मरीजों को दिया जाना खतरनाक है।
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