उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के बढ़ते वेग के कारण अब चारधाम यात्रा पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
अगर हालात यही रहे तो इस साल भी चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन अच्छा रहने वाला नहीं है। राज्य में जिस गति से कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है उसे अगर थोड़ा बहुत काबू कर भी लिया गया तो भी चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को प्रभावित होने से नहीं रोका जा सकता है क्योंकि कोरोना का यह प्रकोप सिर्फ उत्तराखंड तक ही सीमित नहीं है बल्कि पूरे देश में कोरोना के कारण हाहाकार मचा हुआ है।
कोरोना के कारण पाबंदियों की श्रंखला इतनी बड़ी हो चुकी है कि लोग इन पाबंदियों में यात्रा पर आने से ज्यादा घर पर ही रहना उचित मान रहे हैं। यही कारण है कि राज्य में यात्रा सीजन के लिए होने वाली एडवांस बुकिंग 35 से 40 प्रतिशत कैंसिल हो चुकी है। जहां तक यात्रा सीजन की तैयारियों की बात है वह कुंभ के आयोजन में शासनकृप्रशासन की व्यस्तता के कारण पहले ही धीमी गति से चल रही थी अब कोरोना के कोहराम के कारण इस पर ब्रेक सा लग गया है।
बीते साल कोरोना के कारण राज्य का चारधाम यात्रा सीजन लगभग शून्य हो गया था। बीते साल चारों धामों में सिर्फ 3 से 4 लाख के बीच ही श्रद्धालु पहुंच सके थे। जबकि इससे पहले यह संख्या 30.32 लाख रही थी। पर्यटन और चारधाम यात्रा सीजन राज्य की आय का दूसरा बड़ा स्रोत है। लाखों लोगों की रोजी-रोटी का साधन है अगर इस साल भी पर्यटन सीजन बीते साल जैसा ही रहा तो यह राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका होगा।
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