फोटो: सोशल मीडिया
चमोली में आई प्राकृतिक आपदा के बाद प्रदेश के कई बांधों का पानी रोकने का निर्देश दिया गया था।
इसकी वजह थी कि झील का पानी देवप्रयाग में अलकनंदा नदी के साथ मिलकर देवप्रयाग से आगे ऋषिकेश और हरिद्वार तक ना पहुंच सके। इसी कड़ी में टिहरी बांध के पानी को भी रोकेने का निर्देश दिया गया था। अब टिहरी जिला प्रशासन ने टिहरी बांध परियोजना से बिजली उत्पादन करने के लिए पानी छोड़ने के निर्देश दे दिए हैं। इस निर्देश को देने के साथ ही टिहरी बांध परियोजना के अधिकारियों को सतर्क रहने को भी कहा गया है।
आपको बता दें कि इस वक्त टिहरी झील का जल स्तर आरएल 791.44 मीटर है। 164 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। टिहरी जिले के अंतर्गत आने वाले देवप्रयाग से ऋषिकेश के बीच का जो क्षेत्र है वहां के सभी तहसील और उपजिलाधिकारियों को नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। टिहरी डीएम ने कहा कि जिले के जो लोग चमोली आपदा में लापता हैं, उनकी जानकारी जुटाने के लिए चमोली जिला प्रशासन से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। जैसे ही लापता लोगों की जानकारी मिलेगी, वैसे ही उनके परिजनों को सूचित कर दिया जाएगा।
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