फोटो: सोशल मीडिया
उत्तरकाशी के भिडियालीगाड़ में जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग अभी भी आवाजाही के लिए नहीं खुल पाया है।
बीते शुक्रवार को भारी भूस्खलन के बाद ये रास्ता बंद हो गया था। मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा आ गया था। अभी भी इस मार्ग पर लगातार मलबे का आना जारी है। ऐसे में लोनिवि के मजदूर इस हिस्से को बाईपास कर यमुनोत्री धाम के लिए 400 मीटर लंबा वैकल्पिक पैदल मार्ग तैयार कर रहे हैं। इस रास्ते को सुरक्षित आवाजाही तैयार करने में दो से तीन महीने और लगेंगे। वहीं, हर रोज कई तीर्थयात्री जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से धाम पहुंच रहे हैं।
इस बीच लोनिवि के अधीक्षण अभियंता की अगुवाई में विशेषज्ञों की टीम ने भिडियालीगाड़ में भूस्खलन वाले इलाके निरीक्षण किया। अधीक्षण अभियंता आरके जैन टीम के साथ भिडियालीगाड़ पहुंचे थे। यहां पहुंची टीम ने भूस्खलन से हुए नुकसान का जायजा लिया। साथ ही उन्होंने यमुनोत्री धाम के लिए अलग से रास्ता बनाने की संभावनाएं तलाशीं। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि इस हिस्से में सुरक्षित आवाजाही के लिए पुलिया और रास्ता तैयार कराया जाएगा।
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