उत्तराखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 4 दिसंबर से शुरू हो रहा है। 10 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र में कई अहम विधेयकों पर चर्चा हो सकती है।
सरकार इस सत्र में चारधाम श्राइन बोर्ड के गठन से संबंधित विधेयक पेश करेगी। साथ ही मुख्यमंत्रियों की सुविधायें बहाल करने तथा मंत्रियों के आयकर भुगतान से संबंधित विधेयक भी पेश किये जा सकते हैं। शीतकालीन सत्र के दौरान परिसर के चारों तरफ 300 मीटर के एरिया में धारा 144 लागू कर दी गई है। धारा 144 विधानसभा सत्र के खत्म होने तक लागू रहेगी। सुरक्षा को लेकर पुलि ने रिस्पना पुल चौक से लेकर विधानसभा भवन के निकास गेट तक बाहर खड़े होने वाली सब्जियों और दूसरे सामानों की ठेलियां हटाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सत्र में क्या होगा?
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान 833 प्रश्न और 91 याचिकाएं आ सकती है। इनमें 37 अल्प सूचित प्रश्न भी हैं। इसके साथ ही 91 याचिकाएं भी मिली हैं। जिसमें उत्तराखंड विधानसभा की नियम समिति के मुताबिक,प्रत्येक दिन एक विधायक कि तीन ही याचिकाएं स्वीकृत की जाएंगी।
सदन की कार्यवाही के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत धरने पर बैठेंगे। विधानसभा सत्र गैरसैंण में न किये जाने के विरोध में कांग्रेस महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने धरना देने का ऐलान किया। सोशल मीडिया के जरिए अपने धरने की जानकारी देते हुए रावत ने कहा है कि वह पांच दिसंबर को सुबह 11 बजे विधानसभा भवन के सामने उपवास और धरने पर बैठेंगे।
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