लोकसभा चुनाव में एनडीए को मिली प्रचंड जीत के बाद नई सरकार का गठन 30 मई को होने वाला है। नरेंद्र मोदी पीएम पद की शपथ लेंगे। ऐसे में बिहार से कई सांसद हैं, जिन्हें मोदी कैबिनेट जगह मिल सकती है।
30 मई को नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के तौर पर दोबारा शपथ लेंगे। इस दौरान उनके साथ कई मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। 2014 की तुलना में इस बार बिहार में एनडीए ने शानदार प्रदर्शन किया है। एनडीए को 40 में से 39 सीटों पर जीत हासिल मिली है। ऐसे में मोदी सरकार में किसे मंत्री पद मिलेगा, इसपर चर्चा तेज हो गई है।
रामविलास पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी को इस बार 6 सीटें मिली हैं। पार्टी ने कुल 6 सीटों पर चुनाव लड़ा था। चर्चा है कि एलजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविलास पासवान ही पार्टी के कोटे से मंत्री बनेंगे। सूत्रों का कहना है कि रामविलास की जगह चिराग को जगह मिल सकती है। लेकिन, चिराग पहले ही संकेत दे चुके हैं कि कैबिनेट में जगह उनके पिता को ही मिले।
जेडीयू से चुने गए 16 सांसद
लोकसभा चुनाव में जेडीयू 16 सांसद चुनकर दिल्ली पहुंचे हैं। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक, जेडीयू के कोटे से 2 सांसदों को मोदी कैबिनेट में जगह मिल सकती है। इसमें सबसे पहला नाम सीएम नीतीश के खास ललन सिंह का है। वहीं आरसीपी सिंह के नाम की खूब चर्चा हो रही है। जबकि, पूर्णिया से जीतनेवाले संतोष कुशवाहा के बारे में भी बातें हो रही है। कहा जा रहा है कि कुशवाहा वोट बैंक पर नीतीश कुमार की कड़ी नजर है। इस वजह से संतोष कुशवाहा के लिए नीतीश मंत्री पद की कोशिश कर सकते हैं।
गिरिराज सिंह को भी मिल सकता है मंत्रालय
बीजेपी के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने बेगूसराय से प्रचंड जीत हासिल की है। उन्होंने जेएनयू के जाने माने छात्र नेता कन्हैया कुमार को 4 लाख से भी ज्यादा मतों से हराया है। ऐसे में उन्हें दोबारा मंत्री पद मिल सकता है। वहीं मुंगेर लोकसभा सीट से राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने बाहुबली अनंत सिंह की पत्नी नीलम सिंह को मात दी है। ललन सिंह नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं। ऐसे में उनके नाम की चर्चा जोरों पर है।
बक्सर लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने जगदानंद सिंह को हराया है। उन्हें भी दुबारा मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। आरा लोकसभा सीट की बात करें तो यहां से आरके सिंह ने राजू यादव को शिकस्त दी है। इन सभी नवनिर्वाचित सांसदों को नई मोदी सरकार में मंत्रालय मिल सकता है। ललन सिंह ने बीते दिनों ही विधान-परिषद से इस्तीफा भी दे दिया था। हालांकि इन सबके बीच बक्सर से निर्वाचित अश्विनी चौबे पर अब भी संशय बरकरार है। उनको लेकर अब तक तस्वीर साफ नहीं हो पाई है।
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