ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे…तेरा साथ ना छोड़ेंगे, 37 साल की दोस्ती का सफरनाम

ये बात किसी से छिपी नहीं है कि मोदी को ब्रांड मोदी बनाने में अमित शाह का सबसे अहम रोल रहा है। पीएम मोदी अगर आज दूसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं तो उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में अमित शाह की भूमिका है।

दोनों के साथ की चर्चा उस दौर से होती आ रही है। जब दोनों केंद्र से बहुत दूर सिर्फ गुजरात की राजनतिक तक सिमटे थे। तब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। जबकि अमित शाह सूबे के गृह मंत्री थे। अब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को मोदी सरकार 2.0 में गृह मंत्रालय जैसा अहम विभाग दिया गया हैं। तो अब एक बार फिर ये कहा जा सकता है कि गुजरात की ये जोड़ी अब केंद्र में भी नंबर 1 और नंबर 2 के तौर पर नजर आएगी।

दोनों की मुलाकात 37 साल पहले हुई थी। दोनों की मुलाकात 1982 में तब हुई जब नरेंद्र मोदी संघ के कार्यकर्ता के तौर पर एक कॉलेज के कार्यक्रम में आए थे। जबकि इसी कार्यक्रम में अमित शाह ABVP के नेता के तौर पर आए थे। 1984 में मोदी संघ से बीजेपी में संघ के प्रतिनिधि और प्रचारक के तौर पर आये शामिल हुए। वहीं अमित शाह छात्र संघ से बीजेपी के कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी में शामिल हुए थे। जिस जीत के बाद दोनों की दोस्ती का यह कारवां आगे बढ़ा वो है अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के चुनाव में बीजेपी की भारी जीत। उस जीत के बाद ये जोड़ी एक साथ आगे बढ़ती गई और बीजेपी को 300 से ज्यादा सीटें जितवा दीं। इससे पहले पार्टी ने कभी इतनी प्रचंड जीत दर्ज नहीं की थी।

साल 1991 में अमित शाह पहली बार लालकृष्ण आडवाणी के लिये बूथ इंचार्ज बने थे। कहा जाता है कि 1995 में अमित शाह और नरेंद्र मोदी की जोड़ी ने पहली बार बीजेपी को गुजरात के विधानसभा में जीत दिलवाई थी। तब केशुभाई पटेल गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। अमित शाह को 1997 में जब पहली बार चुनाव लड़ना था तो उस वक्त खुद नरेन्द्र मोदी ने शाह के लिये बीजेपी में लॉबिंग की थी।

अमित शाह ने अपने पहले ही चुनाव में सरखेज इलाके से जीत दर्ज की थी। मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर बागडोर संभाली तो अमित शाह को एक साथ 12 विभागों की जिम्मेदारी सौंप दी गई। तब अमित शाह को सबसे बड़े गृह मंत्रालय की भी जिम्मेदारी थी। 2014 में जब नरेंद्र मोदी पीएम बनने के कुछ वक्त बाद ही अमित शाह बीजेपी की कमान सौंप दी गई। पार्टी अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने जो कामयाबी दिलाई वो आज पूरा देश देख रहा है।

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