CWC 2019: टीम इंडिया की हार की ये है बड़ी वजह

आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 में टीम इंडिया को पहली बार हार का सामना करना पड़ा है। मेजबान इंग्लैंड ने 31 रनों से जीत दर्ज की। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 337 रन बनाए। 338 रनों का लक्ष्य हासिल करने उतरी टीम इंडिया महज 306 रन ही बना सकी।

टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही। केएल राहुल बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। हालांकि इसके बाद रोहित शर्मा और कप्तान विराट कोहली ने संभल कर बल्लेबाजी करते हुए शतकीय साझेदारी की। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 138 रन जोड़े। विराट ने 76 गेंदों का सामना करते हुए 66 रन बनाए। जिसमें सात चौके शामिल है। कोहली के आउट होने के बाद रोहित ने ऋषभ पंत के साथ तीसरे विकेट के लिए 52 रन जोड़े। इस दौरान रोहित शर्मा ने इस विश्व कप में एक और शतक जड़ा। रोहित ने 15 चौकों की मदद से 109 गेंदों में 102 रन बनाए।

हार की वजह

हार की पहले और सबसे बड़ी वजह रही टीम इंडिया की गेंदबाजी। टीम इंडिया के गेंदबाज सधी हई गेंदबाजी नहीं कर सके। शुरुआत में जिस तरह से अंग्रेजों ने बल्लेबाजी की उससे लग रहा था कि कहीं इस वर्ल्ड कप में इंग्लैंड की टीम सबसे बड़ा स्कोर तो नहीं खड़ा कर देगी। जबरदस्त फॉर्म में चल रहे मोहम्मद शमी ने अपने पहले स्पेल में 3 ओवर फेंके। जिसमें उन्होंने 21 रन दे दिए और एक भी विकेट नहीं मिला। हालांकि दूसरे स्पेल में उन्होंने खुद को संभाला। दूसरे स्पेल में एक ओवर डाला और 1 ही रन दिया। जबकि तीसरे और चौथे स्पेल में तो जबरदस्त वापसी की। शमी ने तीसरे स्पेल में 3 ओवर में मात्र 3 रन देकर 2 विकेट लिए। वहीं चौथे स्पेल में उन्होंने इतने ही ओवर में 44 रन देकर 3 विकेट झटके। चौथे स्पेल में वो थोड़े महंगे साबित हुए।

सबसे किफायती गेंदबाजी बुमराह ने की। बुमराह ने 10 ओवरों में 44 रन देकर एक विकेट लिया। कुलदीप ने 72 रन पर एक विकेट अपने नाम किए। गेंदबाजी में सबसे महंगे साबित हुए यजुवेंद्र चहल उन्होंने इस मैच में बिना कोई सफलता हासिल किए 10 ओवर में 88 रन लुटा दिए। घटिया गेंदबाजी से चहल ने वर्ल्ड कप में एक बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वो वर्ल्ड कप में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन लुटाने वाले गेंदबाज बन गए हैं।

धीमी शुरुआत हार की दूसरी बड़ी वजह

बेकार गेंदबाजी के बाद बल्लेबाजी भी हार की मुख्य वजहों में से एक है। टीम इंडिया ने शुरुआत के 10 ओवर में सिर्फ 28 रन ही बना सका। धीमी शुरुआत की वजह से ही आखिर के 10 ओवर में जीत के लिए टीम इंडिया को 104 रन चाहिए थे। लेकिन टीम इंडिया की सुस्त बल्लेबाजी में सिर्फ 72 रन ही बन सके। आखिरी के 10 ओवर में धोनी ने 31 गेंदों पर 42 रनों की पारी खेली और केदार जाधव ने 13 गेंद पर 12 रन बनाए सके। दोनों की बल्लेबाजी देखकर ऐसा लग रहा था जैसे उन्हें जीत की कोई इच्छा ही नहीं है। जब दोनों क्रीज पर उतरे उस वक्त तेजी से रनों की दरकार थी, लेकिन दोनों सुस्त नजर आए। जिस तरह से धोनी और केदार ने खेल को खत्म किया, सोशल मीडिया पर टीम इंडिया की जमकर आलोचना हो रही है।

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