फोटो: सोशल मीडिया
ऑस्ट्रेलिया के गाबा मैदान पर अपना 100वां टेस्ट मैच खेलने जा रहे ऑस्ट्रेलिया के ऑफ स्पिनर नाथन लॉयन ने कहा कि इस मैदान की पिच में ज्यादा उछाल है।
उन्होंने कहा कि पिच में उछाल की वजह से उन्हें मदद मिलेगी। लॉयन ने कहा कि इस पिच में मौजूद उछाल उनकी रहस्यमयी गेंद के लिए सबसे उपयुक्त हो सकती है। ऑफ स्पिनर ने कहा कि सिडनी की धीमी विकेट ने उन्हें अपनी नई गेंद को फेंकने का मौका नहीं दिया था।
लॉयन ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह मुकाबला बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। दोबारा भारत के सामने खेलना अच्छा है। वह मेरे खिलाफ तैयारी के साथ आए थे। लेकिन ईमानदारी से कहूं तो मैं जिस तरह से गेंदबाजी कर रहा हूं उससे मैं काफी खुश हूं। मैंने कुछ मौके बनाए हैं जो काफी सकारात्मक रहे हैं, लेकिन कई बार चीजें आपके पक्ष में नहीं होतीं और आपके साथ भाग्य भी नहीं होता।”
उन्होंने कहा, “गाबा में एमसीजी और एससीजी की तुलना में ज्यादा बाउंस होगा इसलिए मैं यहां खेलने के लिए उत्साहित हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर मैं अपना काम करता रहा तो भाग्य भी मेरा साथ देगा। मुझे धैर्य के साथ रहना होगा। कौन जानता है कि मैं मैच के पांचवें दिन अपनी रहस्यमी गेंद फेंक दूं। यह आने वाली है, देखते रहिए।”
गाबा टेस्ट लॉयन के करियर का 100वां टेस्ट मैच होगा। उन्होंने कहा कि वह 100 टेस्ट मैच के साथ खेलना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “जब मैं अपना करियर खत्म करूंगा तब मैं अपने चेहरे पर मुस्कान लेकर बैठना चाहता हूं। यह मेरा 100वां टेस्ट होगा। लेकिन मेरी नजरों में मुझे अभी काफी कुछ करना है। मैं पहले से ज्यादा भूखा हूं। मैं आस्ट्रेलिया के लिए जितनी क्रिकेट हो खेलना चाहता हूं और ज्यादा से ज्यादा मैच जीतना चाहता हूं।”
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच उत्तराखंड में भी प्रश्नपत्र लीक का…
केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को…
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन…
उत्तराखंड के चमोली विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह…
उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित श्री बद्रीनाथ धाम में दान के प्रबंधन को लेकर सामने…
दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…
This website uses cookies.