गुरुवार को भगवान केदारनाथ के कपाट भक्तों के लिए सुबह 5 बजकर 35 मिनट पर खुल गए। कपाट खुलने के बाद से ही भोले बाबा के दरबार में दर्शन के लिए हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं के पहंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।
इस बाबत श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा कपाटोद्घाटन की सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं। इससे पहले भगवान केदारनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली बुधवार को ही अपने धाम पहुंच गई है। यहां भक्तों ने आराध्य का भव्य स्वागत किया।
केदारनाथ के कपाट खुलने से पहले ही श्रद्धालुओं के लिए सारे इंतजाम कर लिए गए थे। इस बार श्रद्धालुओं के लिए 300 टेंट लगाए गए हैं। 10 जगहों पर अलाव के भी इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही दवाइयों का पूरे इंतजाम किये गये है। संचार सेवाएं भी बहाल कर दी गई हैं। बीएसएनल क साथ दूसरी कंपनियों ने अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं।
इस वजह से है खास
केदारनाथ मंदिर श्री केदारनाथ द्वादश ज्योतिर्लिगों में से एक माना जाता है। मंदिर को 3593 फीट की ऊंचाई पर बनाया गया है। तनी ऊंचाई पर इस मंदिर को कैसे बनाया गया ये आज भी चमत्कार है। इसकी कल्पना आज भी नहीं की जा सकती है। 2013 में जब यहां प्राकृतिक आपदा आई थी। उस वक्त भी भोले का चमत्कार देखने के मिला था। कहा जाता है कि जल प्रलय जब एक-एक चीज को बहा ले गई उस वक्त भी बाबा के मंदिर में खंरोच भी नहीं आई।
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