फोटो: सोशल मीडिया
उत्तराखंड के बागेश्वर से अच्छी खबर सामने आई है। मशहूर बागनाथ मंदिर का नया छच्जा (बिजोरा) बनकर तैयार हो गया है।
यानी अब बागनाथ मंदिर नए रूप-रंग में दिखेगा। आपको बता दें, यह छज्जा 400 साल बाद बदला गया है। इसके लिए पुरातत्व विभाग से अनुमति ली गई। बताया जा रहा है कि पुराना बिजोरा सुरक्षित रखा गया है।
जानकारी के मुताबिक शनिवार को मंदिर में नया छज्जा लगाया गया। आपको बता दें, कुमाऊं की काशी के नाम से विख्यात बागेश्वर को बाबा बागनाथ की नगरी के नाम से भी जाना जाता है। आपको बता दें, इस साल कोरोना के चलते फिलहाल मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद है। जल्द ही मंदिर खुलेगा तो श्रद्धालुओं को नए रंग-रूप में दिखेगा।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरयू-गोमती और अदृश्य सरस्वती नदी के संगम पर स्थित बागनाथ मंदिर का अस्तित्व सातवीं शताब्दी में कत्यूरी राजाओं के शासनकाल से है। जिसका उल्लेख मंदिर में रखे शिलालेखों में मिलता है। साल 1602 में राजा लक्ष्मीचंद ने पहली बार मंदिर का जीर्णोद्धार कर इसे भव्य रूप प्रदान किया था
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