उत्तराखंड में जिला नियोजन समितियों के चुनाव के मामले में याचिकाकर्ता की बातों से नैनीताल हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ और मामले की सुनवाई सितंबर की तारीख मुकर्रर कर दी।
मुख्य न्यायाधीश आर.एस. चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की युगलपीठ में गुरुवार को जिला पंयाचत संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्ट की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि वो हरिद्वार में पंचायत चुनाव कराने के बाद मई में डीपीसी के चुनाव खत्म कराने को तैयार है।
हाईकोर्ट सरकार के जवाब से संतुष्ट नजर आई और उसका मानना था कि चुनावों के लिए सरकार को समय दिया जाना चाहिए लेकिन याचिकाकर्ता की ओर से इसका विरोध किया गया और उसकी ओर से अदालत से जल्द चुनाव कराने की मांग की गई। अदालत ने याचिकाकर्ता की बात से असंतुष्टि जाहिर करते हुए इस मामले की सुनवाई के लिये सितम्बर महीने की तिथि मुकर्रर कर दी।
दायर याचिका में कहा गया कि चुनाव आयोग प्रदेश में डीपीसी का चुनाव कराने को तैयार है जबकि सरकार इस मामले में टालमटोल कर रही है। कोरोना महामारी के चलते ठप पड़ी चुनाव प्रक्रिया को सरकार फिर शुरू नहीं कर रही है। गौरतलब है कि इस मामले में बुधवार को भी सुनवाई हुई थी और अदालत ने इस मामले में 24 घंटे के अंदर सरकार से जवाब पेश करने को कहा था।
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