आपसी भाईचारा ही हमारे देश की असल पहचान है। इस बात को समय-समय पर लोग साबित करते रहते हैं।
इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है, इस कथन को बागेश्वर के खुर्शीद अहमद ने साबित किया है। खुर्शीद अहमद ने अपना खून देकर ममता रावत की जान बचाई है। दरअसल ये पूरा मामला जिला अस्पताल का है। ग्राम अयारतोली की रहने वाली ममता रावत ने जिला अस्पताल में मंगलवार को बच्चे को जन्म दिया था। रक्तस्राव की वजह से उनकी तबियत बिगड़ गई थी। डॉक्टरों ने परिजनों से तुरंत खून का इंतजाम करने के लिए कहा। परिजनों ने खून के लिए रेडक्रॉस सोसायटी के पदाधिकारियों से संपर्क किया।
बताया जा रहा है कि जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव आलोक पांडेय और वरिष्ठ सदस्य उमेश चंद्र जोशी ने सोशल मीडिया पर महिला को एबी निगेटिव रक्त की जरूरत होने की सूचना दी। जैसे ही यह सूचना खुर्शीद को लगी वह जिला अस्पताल पहुंचे और रक्तदान कर ममता रावत को जीवनदान दिया। लोग खुर्शीद अहमद की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
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