फोटो: सोशल मीडिया
कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग के साथ ही चीन सीमा से सटी व्यास-चौदास घाटी के लिए यातायात ठप होने से चीन सीमा से सटे डेढ़ दर्जन गावों में खाद्यान संकट उत्पन्न हो गया है।
सीमावर्ती इलाकों के ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य जगत सिंह मर्तोलिया ने आरोप लगाया कि तवाघाट से पांगला के बीच ज्योति गाड़ में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से नया पुल बनाने के नाम पर पुराने पुल को धराशायी कर दिया गया।
पुल को तोड़ने से पहले वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई। इससे धारचूला विकास खंड के चीन सीमा से सटे चौदास व व्यास घाटी के 17 गांवों की जनता परेशान है और वहां बीस दिनों से यातायात ठप है और इससे खाद्यान्न संकट उत्पन्न हो गया है।
मर्तोलिया ने बताया कि बीआरओ की ओर से बताया गया था कि एक सप्ताह में पुल का निर्माण कर दिया जाएगा लेकिन 20 दिन होने के बावजूद पुल का निर्माण नहीं किया गया है और ना ही कोई वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है। ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर आर पार जा रहे हैं। साथ ही खाद्यान्न की आपूर्ति भी ठप है।
उन्होंने पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे को ईमेल से पत्र भेजकर इस मामले की जांच की मांग भी की है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच उत्तराखंड में भी प्रश्नपत्र लीक का…
केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को…
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन…
उत्तराखंड के चमोली विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह…
उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित श्री बद्रीनाथ धाम में दान के प्रबंधन को लेकर सामने…
दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…
This website uses cookies.