उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भारी बारिश के बाद हुए जल जमाव से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
जिन इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, उन इलाकों में बीमारियों ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। एक तरह जहां डेंगू कहर बरपा रहा है तो वहीं, दूसरी तरफ प्रदूषित पानी की वजह से लोग चर्म रोग की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। एक मरीज ने बताया कि यह बिमारी बहुत हो रही है और यह पूरे शरीर में हो रही है। खुजली के साथ दानों शरीर के अलग-अलग हिस्सों में निकल रहे हैं।
डॉक्टर ने कहा, “हमारे स्किन OPD में लोग दाद, खाज, खुजली की शिकायत लेकर आ रहे हैं। इस तरह के मरीजों की संख्या कम से कम 25 फीसदी है। हमारे OPD में करीब 150-200 मरीज रोज आ रहे हैं। आम दिनों के मुकाबले मरीजों की संख्या ज्यादा हुई है।”
गोरखपुर में रोहिन नदी खतरे के निशान से नीचे आ गई है, लेकिन सरयू, राप्ती, कुआनो और गोर्रा अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 204 गांवों में पानी भर गया है। आलम ये है कि 93 गांव पूरी तरह से टापू बने हुए हैं। ऐसे में लोगों के आने-जाने के लिए 258 नावों को लगाया गया है।
वहीं, गोला तहसील के 70 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। गोला तहसील में कई जगहों पर सरयू का पानी सड़कों पर चढ़ गया है। कैंपियरगंज के 64 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बात करें खजनी तहसील की तो इसके 33 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
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