फोटो: न्यूज़ नुक्कड़
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के दिलदारनगर एक बार फिर शराब तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने रविवार की रात दिलदारनगर रेलवे स्टेशन पर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने सीमांचल एक्सप्रेस से आठ शराब तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब और बियर बरामद की। बरामद शराब की कुल मात्रा 162.600 लीटर है, जिसकी कीमत 1,18,640 रुपये आंकी गई है।
बताया जा रहा है कि आनंद विहार से जोगबनी जाने वाली सीमांचल एक्सप्रेस में कुछमन और सकलडीहा स्टेशन के बीच (किमी संख्या 739/08) तस्कर चेन पुलिंग कर शराब लाद रहे थे। गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने दिलदारनगर स्टेशन पर ट्रेन को रोककर जांच अभियान चलाया। सभी तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरपीएफ निरीक्षक प्रभारी महेंद्र प्रसाद दुबे ने बताया कि तलाशी के दौरान तस्करों के बैग और बोरियों से अंग्रेजी शराब और बियर बरामद की गई। पूछताछ में तस्करों ने कबूला कि वे शराब उत्तर प्रदेश से खरीदकर बिहार में ऊंचे दामों पर बेचते हैं।
आरपीएफ ने सभी आरोपियों के खिलाफ रेलवे एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक राजीव कुमार, नवीन कुमार, जीआरपी प्रभारी जैदान सिंह, सहायक उप निरीक्षक ऋषिकेश राय शर्मा, प्रधान आरक्षी जगन्नाथ मांझी और आरक्षी अरुण कुमार सिंह शामिल थे।
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी शराब तस्करों के खिलाफ इस इलाके में कार्रवाई की जा चुकी है। दरअसल दिलदारनगर बिहार का बक्सर बॉर्डर करीब 36 किलोमीटर की दूरी पर है। इस रास्ते से बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी होती रहती है। पिछले साल अगस्त के महीने में शराब तस्करों ने इसी इलाके में दो आरपीएफ जवानों की हत्या कर दी है।
दरअसल दिलदारनगर बिहार का बॉर्डर इलाका है। बिहार का एक बॉर्डर बक्सर के पास है, जो करीब 36 किलोमीटर की दूरी पर है। वहीं, दूसरा बॉर्डर सोन नदी के करीब है। यहां यह बॉर्डर भी करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर है। इन रास्तों से अक्सर शराब तस्कर तस्करी करते हैं।
पूर्वांचल के बॉर्डर इलाकों से अक्सर बिहार में शराब तस्करी होती रहती है। बीते एक साल में कई मामले सामने आ चुके हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में बक्सर और भभुआ के पास बिहार बॉर्डर पर शराब तस्करी एक बड़ी चुनौती बना रहता है। लगातार खबरें सामने आती रहती हैं कि इस रास्ते से शराब की बड़ी खेप पकड़ी जा रही है। पिछले एक साल (जुलाई 2024 से जुलाई 2025) के कुछ प्रमुख आंकड़े और घटनाएं इस प्रकार हैं:
बक्सर से भारी मात्रा में शराब बरामद: प्रभात खबर में छपी जुलाई 2025 में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में, बक्सर में गंगा पुल स्थित वीर कुंवर सिंह चेकपोस्ट से 24 घंटे के अंदर दो ट्रकों से 6,590 लीटर शराब बरामद की गई है, जिसमें देसी, विदेशी और बीयर शामिल है। एक अन्य मामले में, एक ट्रक से 6,140.94 लीटर बीयर और विदेशी शराब जब्त की गई।
यूपी से 16 लाख की विदेशी शराब जब्त: प्रभात खबर की रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2025 में, भोजपुर उत्पाद विभाग ने कायमनगर ओवरब्रिज के पास यूपी से आ रही 16 लाख रुपये की विदेशी शराब (2952 बोतल / 1287.600 लीटर) जब्त की और एक तस्कर को गिरफ्तार किया।
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल 2025 में, बक्सर में उत्पाद विभाग ने एक ट्रक से 20 लाख रुपये की शराब (2376 लीटर बीयर और 162 लीटर विदेशी शराब) जब्त की। तस्कर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया था।
प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2025 में होली के समय पटना-बक्सर फोरलेन पर एक हाईवा ट्रक में बने तहखाने से करीब 12 लाख रुपये की अंग्रेजी शराब (4728 बोतल / 876.690 लीटर) जब्त की गई थी।
आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2025 में, यूपी-बिहार बॉर्डर पर चंदौली में पुट्टी की बोरियों के नीचे छिपाकर लाई जा रही 680 पेटियां शराब (करीब 6000 लीटर) जब्त की गईं, जिसकी कीमत 70 लाख रुपये बताई गई। यह शराब पंजाब से बिहार भेजी जा रही थी।
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2024 में, बक्सर पुलिस ने तीन लग्जरी वाहनों से लगभग 1200 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की और पांच तस्करों को गिरफ्तार किया। यह शराब भी उत्तर प्रदेश से लाई गई थी।
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद से यूपी से सटे बॉर्डर इलाके शराब तस्करी के प्रमुख मार्ग बन गए हैं। जनवरी 2025 में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, 2024 में बिहार राज्य भर में 32 लाख 71 हजार 914 लीटर शराब जब्त की गई। इसमें 26.15 लाख लीटर देसी शराब और 6.56 लाख लीटर विदेशी शराब शामिल थी। इस दौरान 8,542 वाहन भी पकड़े गए। (नवभारत टाइम्स, जनवरी 2025)
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में बिहार में शराब पीने के आरोप में 1 लाख 42 हजार 40 लोग गिरफ्तार हुए। इसमें भभुआ में 8,722 गिरफ्तारियां हुईं, जो पटना के बाद दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा था। यह दर्शाता है कि भभुआ जैसे सीमावर्ती इलाकों में शराब की उपलब्धता बनी हुई है।
तस्कर लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, जैसे ट्रकों में तहखाने बनाना, पुट्टी या अन्य सामान के नीचे शराब छिपाना, और लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल करना। कुछ मामलों में तो उत्पाद विभाग के अधिकारियों और शराब तस्करों के बीच सांठगांठ भी सामने आई है। पुलिस और उत्पाद विभाग लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन भौगोलिक स्थिति और तस्करी के तरीकों में बदलाव के कारण यह एक सतत चुनौती बनी हुई है। गंगा नदी के रास्ते भी तस्करी की कोशिशें सामने आई हैं।
(न्यूज़ नुक्कड़ के लिए गाजीपुर से इजहार खान की रिपोर्ट)
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