निर्भया से आसिफा तक और आसिफा से आलिशा तक इस देश में कुछ नहीं बदला। बेबस बेटियां कल भी कराह रही थीं और आज भी।
निर्भया और आसिफा के बाद दिल दहला देने वाला वाकया उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में सामने आया है। बारा गांव की बिटिया आलिशा होनहार थी। सुखराम कॉलेज में बीटीसी की पढ़ाई करती थी। शुक्रवार को घर से कॉलेज के लिए निकली। उन सपनों को पूरा करने के लिए, जिसे उसने अपने और अपनों के लिए देखा था। घर से कॉलेज के लिए निकली 24 साल की आलिशा को नहीं पता था कि उसके साथ क्या होने वाला है।
कॉलेज में पढ़ाई करने के बाद आलिशा घर के लिए तो निकली, लेकिन कभी नहीं पहुंची। सूरज डूबने को था, और अंधेरा छा जाने को बेताब। इसके साथ ही आलिशा के घर वालों की बेचैनी बढ़ती जा रही थी। बाजार गए, कॉलेज गए, चप्पा-चप्पा छान मारा, लेकिन कहीं भी आलिशा की कोई खबर नहीं लगी। अनहोनी की आशंका से परिजनों का कलेजा फटा जा रहा था। रात किसी तरह से बेचैनी में गुजरी। पुलिस को सूचना दी। आलिशा की तलाश कर रही पुलिस को महमदपुर ढेबुआ गांव के पास एक महिला के शव पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलने के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उसके होश उड़ गए।
शव की ऐसी हालत थी की रूह कांप जाए। चेहरे पर इतने जख्म दिए गए थे कि पहचानना मुश्किल हो गया था। कोई ऐसी दरिंदगी कैसे कर सकता है। कौन हैं वो दरिंदे, कहां से आए, बारा की होनहार बिटिया को बेरहमी से क्यों मार डाला। किसी को कुछ नहीं पता।
आलिशा की हत्या से पूरा गाजीपुर सदमे में है। जस्टिस फॉर आलिशा की आवाज बुलंद की जा रही है। कैंडल मार्च निकाले जा रहे हैं। लोग सड़कों पर हैं और बिटिया को इंसाफ दिलाने की मांग कर हैं। सभी के मन में गुस्सा है, दिल में खौफ है। सवाल ये है कि पहले निर्भया फिर आसिफा और अब आलिशा, अगला कौन और कब तक?
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