मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में ‘नमामि गंगे’ परियोजना के विफल होने के बाद अब सरकार ने गांगा को साफ करने के लिए नया अल्टीमेटम दिया है।
‘नमामि गंगे’ परियोजना के विफल होने पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुधवार को कहा कि क्षमता निर्माण कार्यक्रम चल रहे हैं और अगले दो सालों में प्रत्यक्ष बदलाव दिखाई देंगे। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम में शेखावत ने कहा कि सिर्फ सरकारी प्रयास काफी नहीं होंगे और उन्होंने गंगा के पुनर्जीवन और संरक्षण में लोगों की भागीदारी का आह्वान किया।
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, “यह पूछा जा रहा है कि गंगा बीते चार सालों में साफ क्यों नहीं हुई। क्षमता निर्माण कार्यक्रम पूरी तेजी से चल रहे हैं। कुल 298 परियोजनाओं में से 98 पूरी हो चुकी हैं।” उन्होंने कहा, “अगले दो सालों में आप महत्वपूर्ण बदलाव देखेंगे।”
मंत्री ने लोगों से कहा कि सिर्फ कड़े नियम काफी नहीं हैं। उन्होंने कहा, “लोगों को नदी की उपयोगिता को समझने की जरूरत है। हमें सरकार और लोगों के बीच साझेदारी की जरूरत है। इसके लिए एक जन आंदोलन होना चाहिए।”
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