फोटो: सोशल मीडिया
मायावती ने ऐलान किया कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी किसी दूसरे दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। वो अकेली की चुनाव लड़ेंगी।
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की जंग दिलचस्प होती जा रही है। पहले आम आदमी पार्टी चुनावी रण में कूदी, उसके बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने चुनाव लड़ने का ऐलान करके मुकाबले को कड़ा कर दिया। अब मायावती विधानसभा चुनाव के लिए नया प्लान लेकर आई हैं। मायावती ने ऐलान किया कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी किसी दूसरे दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। वो अकेली की चुनाव लड़ेंगी। मायावती ने कहा कि हमें गठबंधन से नुकसान होता है। ऐसे में बीएसपी यूपी-उत्तराखंड में अकेले चुनाव लड़ेगी। इसके साथ ही उन्होंने यूपी विधानसभा चुनाव में जीत का दावा किया।
आपको बता दें कि उत्तराखंड में बीएसपी हर विधानसभा चुनाव में कमजोर ही होती गई है। 2002 में बीएसपी को उत्तराखंड की 70 विधानसभा सीटों में से सात सीटों पर जीत मिली थी और कुल वोटों का शेयर 10.93 फीसदी था। इसके बाद 2007 में हुए चुनाव में पार्टी का वोट पर्सेंट और सीट दोनों कम हो गई। 2007 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी को आठ सीटों पर जीत मिली थी। जिनमें से छह सीटें हरिद्वार और दो सीटें उधमसिंह नगर जिले की थीं। 2012 में बीएसपी की सीटों में और गिरावट आई और पार्टी महज तीन सीटों पर ही सिमट गई। जबकि 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी खाता तक नहीं खोल पाई।
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