फोटो: सोशल मीडिया
मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में सबसे ज्यादा स्वच्छता अभियान पर जोर दिया। इस अभियान के तहत देश के अलग-अलग राज्यों में लोगों को घरों में शौचालय बनवाए गए।
स्वच्छाता अभियान के तहत देश के कई घरों में शौचालय तो बन गए। लेकिन देश के ऐसे कई राज्य हैं, जहां पानी की बेहद किल्लत है। कई रिपोर्ट में भी यह बात सामने आ चुकी है कि जिन जगहों पर शौचालय बनवाए गए, वहां पानी का कोई साधन ही नहीं है। कुछ ऐसी ही हालत असम में कई हिस्सों में भी है।
असम के दीमा हसाओ के सेमिकखोर गांव में लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। शौचालय के लिए तो दूर इन्हें पीने के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में लोग सरकार से पूछ रहे हैं कि शौचालय तो आपने बनवा दिया, लेकिन पानी कहां से लाएं?
लोगों का कहना है कि पानी के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। यहां के लोगों को पानी के लिए पहड़ों का रुख करना पड़ता है, जहां से पानी कई बार मिलता है, कई बार नहीं मिलता है। ऐसे में लोगों का सवाल है कि जब पीने और नहाने के लिए पानी मुहैया नहीं तो वे शौचालय का वो कैसे इस्तेमाल करें।
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल का एक प्रतिनिधिमंडल जिला…
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के भदौरा ब्लॉक के खजुरी ग्राम पंचायत में लाखों रुपये खर्च…
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के भदौरा ब्लॉक के पचौरी गांव में नाला और खड़ंजा…
झारखंड प्रदेश तृणमूल कांग्रेस (TMC) अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मुख्तार अहमद ने उत्तर प्रदेश…
US tariff impact: अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ के बाद गुजरात के उद्योग, ज्वैलरी और…
Hydrogen Train: भारतीय रेलवे ने ‘ग्रीन मोबिलिटी’ की दिशा में बड़ा और अहम कदम बढ़ाया…
This website uses cookies.