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मोदी सरकार इस बजट में आपको क्या खास देने वाली है?

मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करने वाली है। आगामी एक फरवरी को देश का आम बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। इस बजट में सरकार आम आदमी के लिए टैक्स स्लैब में बदलाव कर सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार के बजट में मोदी सरकार मौजूदा तीन टैक्स स्लैब की जगह चार टैक्स स्लैब कर सकती है। माना जा रहा है कि इसका फायदा मिडिल क्लास लोगों को मिल सकता है। आपको बता दें कि टास्क फोर्स ने अगस्त 2019 में 4 टैक्स स्लैब का सुझाव दिया गया था।

क्या हो सकता है नया टैक्स स्लैब?

संभावित टैक्स स्लैब के मुताबिक पहले स्लैब में 2.5-10 लाख रुपये के बीच सालाना कमाई वालों को लिए 10 फीसदी टैक्स रेट निर्धारित किया जा सकता है। जबिक दूसरे स्लैब में 10-20 लाख रुपये के बीच आय वालों को रखा जा सकता है। इनके ऊपर 20 फीसदी टैक्स निर्धारित किया जा सकता है। वहीं तीसरे स्लैब में 20 लाख से 2 करोड़ रुपये की आय वालों को रखा जा सकता है और इन पर 30 फीसदी टैक्स का प्रस्ताव लाया जा सकता है। वहीं चौथे और आखिरी स्लैब में सालाना दो करोड़ रुपये से अधिक आय वालों को रखा जा सकत् है। उनके लिए 35 फीसदी टैक्स दर तय की जा सकती है।

मौजूदा टैक्स स्लैब

फिलहाल जो टैक्स स्लैब है उसके मुताबिक 2.5 से 5 लाख रुपये की सालाना कमाई पर 5 फीसदी टैक्स देना होता है। जबकि 5-10 लाख रुपये पर 20 फीसदी और 10 लाख या उससे ऊपर की कमाई पर 30 फीसदी टैक्स का प्रावधान है। आपको बता दें कि पिछले साल एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश करते हुए तब के वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने 5 लाख रुपये तक की सालाना कमाई पर रीबेट यानी छूट दी थी। इस छूट का फायदा तभी पाया जा सकता है जब आप रिर्टन भरें।

आपको क्या फायदा होगा?

टैक्स स्लैब में बदलाव का सबसे ज्यादा असर मिडिल क्लास पर पड़ेगा। उन टैक्‍सपेयर्स को बड़ा नुकसान होगा जो 5 लाख तक की सालाना इनकम पर 5 फीसदी स्‍लैब के हिसाब से टैक्‍स दे रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ उनको फायदा मिल सकता है जिनकी सालाना कमाई 5 से 10 रुपये के बीच है। क्योंकि मौजूदा वक्त में ये लोग 20 फीसदी के हिसाब से टैक्‍स दे रहे हैं। जबकि स्लैब के बदलने पर टैक्‍सपेयर्स को 10 फीसदी की रेट से टैक्स देना होगा। इस तरह से उनका टैक्स आधा हो जाएगा। इसी तरफ मौजूदा वक्त में 10 लाख और उससे ज्यादा की कमाई पर 30 फीसदी टैक्स का प्रावधान है, लेकिन अगर 10-20 लाख रुपये के बीच आय वालों के लिए एक स्लैब बनता है तो इन्हें 20 फीसदी टैक्स देना पड़ेगा। जिससे बड़ी राहत मिलेगी।

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