फोटो: सोशल मीडिया
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में हुए बवाल के 24 घंटे के बाद पहली बार छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष मीडिया के सामने आईं। उन्होंने हिंसा के लिए RSS को जिम्मेदार ठहराया।
आइशी घोष ने आरोप लगाया कि आएसएस की विचारधारा वाले प्रोफेसर्स 4-5 दिनों से उनके आंदोलन को तोड़ने के लिए हिंसा भड़का रहे थे। उन्होंने कहा कि ये हमला पूरी तरह से प्लान था। घोष ने कहा कि गुंडे छात्रों को बाहर निकाल-निकाल कर पीट रहे थे और जेएनयू सिक्योरिटी की हमलावरों से साठ-गांठ थी। आइशी घोष ने यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर को तुरंत हटाने की मांग की।
जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष ने कहा कि यूनिवर्सिटी की संस्कृति को कुचलने की कोशिश की जा रही है, जो सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि वो लोग हर रॉड से हमले का जवाब वाद-विवाद और बातचीत के जरिए देंगी। जेएनयू छात्रसंघ के उपाध्यक्ष साकेत मून ने भी आरोप लगाया कि जब जरूरत थी, तब सुरक्षा मौजूद नहीं थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस कॉल करने के दो घंटे के बाद मौके पर पहुंची। हालांकि पुलिस की तरफ से कहा गया कि वो यूनिवर्सिटी कैंपस में हिंसा की खबर मिलते ही पहुंच गई थी, लेकिन इजाजत नहीं मिलने की वजह से एक घंटे के बाद कैंपस में घुसी।
क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि 5 जनवरी की शाम कुछ नकाबपोश गुंडे यूनिवर्सिटी कैंपस में घुस गए और छात्रों पर बेरहमी से हमला किया। इस हमले में JNU छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत कई छात्र घायल हो गए। जिन में से कई को AIIMS में भर्ती कराया गया। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात पर काबू पाया। लेफ्ट और ABVP के छात्र एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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