Categories: IndiaNews

हार के डर से घबराए शिवराज निर्दलीय प्रत्याशी को दफ्तर से उठा ले गए, जबरन बीजेपी में किया शामिल

सीएम शिवराज सिंह चौहान अपनी हार से इतने डरे हुए हैं कि वह वारासिवनी विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार गौरव सिंह पारधी को जबन उनके दफ्तर से उठा ले गए और बीजेपी में शामिल करा दिया। 

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए 28 नवंबर को मतदान होना है। मतदान से पहले सीएम शिवराज, बीजेपी और उसके प्रत्याशियों को जनता के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। जनता के विरोध से शिवराज सिंह घबरा गए हैं। हार देख घबराए शिवराज सिंह ने ऐसा कदम उठाया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। सीएम शिवराज ने वारासिवनी विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार गौरव सिंह पारधी को जबरदस्ती बीजेपी में शामिल करा दिया।

निर्दलीय उम्मीदवार गौरव सिंह पारधी के समर्थकों का कहना है कि पहले शिवराज सिंह की ओर से लालच दी गई और निर्दलीय प्रत्याशी गौरव सिंह पर चुनाव मैदान से हटने के लिए दबाव बनाया, जब गौरव सिंह पारधी नहीं मने तो शिवराज सिंह सीधे उनके कार्यालय में आ धमके। शिवराज सिंह निर्दलीय उम्मीदवार गौरव सिंह पारधी के कमरे में पहुंचे। उन्होंने थोड़ी देर के लिए कमरे को बंद किया और उम्मीदवार से बात की। इसके बाद कमरा खुलते ही उम्मीदार का उन्होंने हाथ पकड़ा और उसे अपने साथ खींचते हुए बाहर ले आए और अपनी गाड़ी में बैठा दिया। आरोप है कि इस दौरान शिवराज सिंह के साथ मौजूद सुरक्षा बलों ने भी उनका साथ दिया।

निर्दलीय उम्मीदवार गौरव सिंह पारधी को शिवराज सिंह सीधे उस जगह पर ले गए जहां बीजेपी की सभा चल रही थी। सभास्थल पर ले जाते ही शिवराज सिंह चौहान ने निर्दलीय उम्मीदवार के बीजेपी को समर्थन देने की घोषणा कर दी। इस बीच शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में सभास्थल पर हंगामा होता रहा। बताया जा रहा है कि जैसे ही सभा खत्म हुई शिवराज सिंह चौहान ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को निर्दलीय उम्मीदवार को अपने कब्जे लेने का इशारा किया और चलते बने।

सभास्थल पर जबरदस्ती लाए गए निर्दलीय उम्मीदवार को लेकर जमकर हंगामा हुआ। बताया जा रहा है कि घटना के बाद इस निर्दलीय प्रत्याशी के करीबी समर्थक और प्रत्यक्षदर्शी अनीस बेग नाम के शख्स को हार्ट अटैक आ गया।

निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थकों का कहना है कि उन्होंने सीएम शिवराज सिंह चौहान को रोकने की पूरी कोशिश की, वे शिवराज सिंह चौहान की गाड़ी के पीछे भी भागे। लेकिन तब तक मुख्यमंत्री की गाड़ी बीजेपी की सभास्थल तक पहुंच चुकी थी। उन्हें पुलिसकर्मियों ने रोक दिया और शिवराज सिंह चौहान ने गौरव सिंह पारधी को बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में समर्थन देने की घोषणा कर दी।

gurubhai121

Recent Posts

उत्तराखंड: UTU में कथित पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का मार्च, उच्च शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच उत्तराखंड में भी प्रश्नपत्र लीक का…

3 months ago

प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद फैसला

केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को…

3 months ago

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने खत्म किया आंदोलन, छात्रों से की जंतर-मंतर खाली करने की अपील

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन…

3 months ago

चमोली विकास परियोजनाएं: गोपेश्वर से सीएम धामी का बड़ा ऐलान, 155 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी

उत्तराखंड के चमोली विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह…

3 months ago

बद्रीनाथ मंदिर दान: अनियमितताओं की जांच के बीच BKTC कोषाध्यक्ष का तबादला, CEO ने दी सफाई

उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित श्री बद्रीनाथ धाम में दान के प्रबंधन को लेकर सामने…

3 months ago

दिल्ली का पुनर्वास मॉडल सवालों के घेरे में, क्या गरीबों को शहर से बाहर धकेला जा रहा है?

दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…

5 months ago

This website uses cookies.