फोटो: सोशल मीडिया
भोपाल से बीजेपी की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की राह में मतदान से पहले कई अड़चने आने लगी हैं। उनकी उम्मीदवारी पर विपक्ष समेत कई लोग साल खड़े कर रहे हैं।
चुनाव आयोग ने प्रज्ञा ठाकुर को राहत देते हुए चुनाव लड़ने की इजाजत दे दी है। कांग्रेस समर्थक तहसीन पूनावाला की उस मांग को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने साध्वी प्रज्ञा को चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग की थी। चुनाव आयोग ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर किसी भी मामले में दोषी नहीं हैं। उनपर कोई भी दोष साबित नहीं हुआ है। आयोग ने कहा कि कानून के मुताबिक, दोष सिद्ध होने पर चुनाव न लड़ने का प्रावधान है। पूनावाला ने शिकायत में कहा था कि प्रज्ञा मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी हैं और जेल से बाहर हैं, ऐसे में उन्हें चुनाव नहीं लड़नेकी इजाजत नहीं देनी चाहिए।
चुनाव आयोग ने भले ही प्रज्ञा ठाकुर को चुनाव लड़ने की इजाजत दे दी हो, लेकिन अभी उनकी मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। महाराष्ट्र की एनआईए कोर्ट मे मालेगांव ब्लास्ट पीड़ित ने एक याचिका दाखिल की है। याचिका में प्रज्ञा की उम्मीदवारी और चुनाव लड़ने पर सवाल खड़े किए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि प्रज्ञा ठाकुर ने स्वाथ्य कारणों का हवाला देते हुए जमानत ली थी। लेकिन जेल से रिहा होने के बाद वो बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। याचिका में प्रज्ञा के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग की गई है। अभी याचिका पर सुनवाई नहीं हुई है। अगर कोर्ट ने सख्ती दिखाई तो प्रज्ञा का चुनाव लड़ने का सपना टूट सकता है।
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