ट्रिपल तलाक बिल 5 महीने में दूसरी बार लोकसभा से पास, राज्यसभा में क्या होगा?

तीन तलाक बिल एक बार फिर लोकसभा से पास हो गया है। गुरुवार को विपक्ष और JDU के विरोध के बावजूद बिल लोकसभा से पास हो गया। बिल के पक्ष में 302 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में सिर्फ 82 वोट पड़े।

5 महीने में ये दूसरी बार है जब महिलाओं को हक दिलाने वाला बिल लोकसभा से पास हुआ है। इससे पहले फरवरी में भी निचली सदन से बिल पास हो गया था, लेकिन राज्यसभा से बिल पास नहीं हो पाया था। इसके बाद मोदी सरकार ने नियमों के तहत विधेयक को दोबारा लोकसभा में पेश किया था। वोटिंग के दौरान कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और जेडीयू ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

कानून मंत्री ने क्या कहा?

गुरुवार को लोकसभा में बिल पर चर्चा के दौरान कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसे नारी की गरिमा से जुड़ा विधेयक बताया। रविशंकर प्रसाद ने कहा, “यह विधेयक धर्म या मजहब से नहीं, बल्कि नारी की गरिमा से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि तीन तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ मिलना चाहिए। CJI ने तीन तलाक को असंवैधानिक बताते हुए कानून बनाने के लिए कहा था। कोर्ट के फैसले के बाद भी देश में तीन तलाक के 345 मामले सामने आए।” रविशंकर प्रसाद ने कहा कि दुनिया के 20 इस्लामिक देशों ने तीन तलाक को बदला है।” दूसरी तरफ AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी बिल को महिलाओं के खिलाफ बताया।

बिल पर बहस के दौरानन असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ”तीन तलाक कानून महिलाओं के खिलाफ है। शौहर जेल में रहकर कैसे भत्ता देगा। सरकार इस तरह औरतों को सड़क पर लाने का काम कर रही है। इस्लाम में शादी एक समझौता है, जन्म-जन्म का साथ नहीं है। मैं सुझाव देता हूं कि मेहर की रकम को 500% बढ़ाने का प्रावधान कर दिया जाए।”

हैरानी की बात ये रही NDA की सहयोगी JDU ने भी विपक्ष के साथ बिल का विरोध किया। जनता दल यूनाइटेड के सांसद राजीव रंजन सिंह ने कहा कि इस बिल से एक विशेष समुदाय में अविश्वास की भावना पैदा होगी। इसलिए हमारी पार्टी इसका समर्थन नहीं करेगी।

नए विधेयक में क्या बदलाव हुए?

नए बिल के मुताबिक पुलिस आरोपी को जमानत नहीं दे सकती। पहले मजिस्ट्रेट पीड़ित का पक्ष सुनेगा। इसके बाद वाबिज वजहों के आधार पर जमानत दे सकेगा। उसे पति-पत्नी के बीच सुलह कराकर शादी बरकरार रखने का भी अधिकार होगा। नए बिल के मुताबिक मुकदमे का फैसला होने तक बच्चा मां के संरक्षण में ही रहेगा। आरोपी को उसका भी गुजारा देना होगा। साथ ही तीन तलाक का अपराध सिर्फ तभी संज्ञेय होगा जब पीड़ित पत्नी या उसके परिवारवाले FIR दर्ज कराएं।

बढ़ाया गया संसद सत्र

ट्रिपल तलाक बिल लोकसभा से पास होने के बाद संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को संसद का कार्यकाल दो हफ्ते तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया। तय शेड्यूल के तहत मौजूदा सत्र 25 जुलाई को खत्म होना था, लेकिन इसे 7 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है।

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