पाकिस्तान की एक जवाबदेही अदालत ने पूर्व पीएम नवाज शरीफ को अल-अजीजिया स्टील मिल्स भ्रष्टाचार मामले में सात साल कारावास की सजा सुनाई है, जबकि एक प्रमुख निवेश के मामले में उन्हें बरी कर दिया।
पाकिस्तान मुस्लिम लीग(नवाज) के नेता को सजा सुनाने के बाद हिरासत में ले लिया गया और उन्हें अदियाला जेल भेजा जाएगा। अदालत ने अल-अजीजिया मामले में उनपर 1.5 अरब रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पिछले साल 28 जुलाई को पनामा पेपर्स केस में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बीते सितंबर महीने में नवाज शरीफ के खिलाफ 3 मामलों में सुनवाई शुरू हुई थी। 28 जुलाई के अपने आदेश में पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद के अयोग्य घोषित कर दिया था।
शरीफ परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले अल-अजीजिया स्टील मिल्स, फ्लैगशिप इन्वेस्टमेंट लिमिटेड और एवेनफील्ड प्रोपर्टीज से जुड़े हैं। जवाबदेही अदालत के जज मोहम्मद बशीर ने अल-अजीजिया मिल केस में कार्यवाही शुरू की, लेकिन एक अहम गवाह की गैर- मौजूदगी की वजह से उन्हें मामले की सुनवाई मंगलवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी थी।
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