उत्तराखंड के विधानसभा में पंचायत चुनाव को लेकर अहम विधेयक उत्तराखंड पंचायत राज अधिनियम 2016 (संशोधन) विधेयक पास हो गया है।
इस विधेयक के पास होने के बाद पंचायत चुनान में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। विधानसभा में पास विधेयक के मुताबिक जिन लोगों के दो ज्यादा संतान हैं। अब वे पंचायत का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इस विधेयक के पास होते ही दो से ज्यादा संतान वाले लोगों के चुनाव लड़ने पर रोक लग गई है। इसमें उनके लिए न्यूनतम योग्यता भी तय की गई है।
इस विधेयक को पंचायत चुनावों से पहले राज्यपाल से मंजूरी मिलने की उम्मीद है। पंचायत चुनाव इस साल के अंत में होने हैं। संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि विधेयक का मकसद परिवार नियोजन को बढ़ावा देना है और उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता भी निर्धारित करना है।
मंत्री मदन कौशिक ने कहा, “हमने सभी पंचायत सदस्यों की शैक्षिक योग्यता निर्धारित की है। सामान्य वर्ग में, न्यूनतम योग्यता कक्षा 10 है। एससी/एसटी श्रेणियों में पुरुषों के लिए न्यूनतम योग्यता कक्षा 8 और महिलाओं के लिए कक्षा 5 है।”
विधेयक किसी भी पंचायत सदस्य द्वारा एक साथ दो पद रखने पर प्रतिबंध लगाता है। कौशिक ने कहा, “यह एक सुधारवादी विधेयक है। इसे जमीनी निकायों में सुधार के प्रयास के रूप में देखा जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि ये विधेयक ओडिशा और राजस्थान जैसे राज्यों में की तर्ज बनाया गया है।
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