देहरादून के नारी निकेतन में मूक-बधिर महिला से दुष्कर्म और गर्भपात मामले में सभी 9 दोषियों को जिला और सत्र न्यायालय सजा सुना दिया।
शुक्रवार को इस मामले में सभी आरोपियों को दोषी करार दिए जाने के बाद कोर्ट ने सजा पर फैसला सोमवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को दोपहर बाद कोर्ट ने सजा का ऐलान किया। दुष्कर्म के दोषी सफाई कर्मी गुरुदास को 7 साल, होमगार्ड ललित बिष्ट और केयरटेकर हासिम को 5-5 साल, क्राफ्ट टीचर समां निगार, नर्स किरन नौटियाल और 2 संविदा कर्मी अनीता मैंडोला और चंद्रकला को 4-4 साल, अधीक्षिका मीनाक्षी पोखरियाल और एक संविदा कर्मी कृष्णकांत को 2-2 साल की सजा सुनाई गई है।
अपराध को गंभीर बताते हुए सरकारी वकील ने दोषियों को ज्यादा से ज्यादा सजा की मांग की थी। वहीं, बचाव पक्ष के वकीलों ने महिला दोषियों की उम्र और पारिवारिक जिम्मेदारियों को देखते हुए कोर्ट से कम से कम सजा दिए जाने की अपील की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सजा का ऐलान किया। नारी निकेतन में 2015 जब ये मामला सामने आया था, सभी को हिलाकर रख दिया था। राज्य सरकार तक हिल गई थी। नारी निकेतन के अंदर मूक-बधिर महिला से पहले रेप किया गया। फिर उसका गर्भपात कराया गया। इस पूरे खेल में नारी निकेतन के कर्मचारियों की मिलीभगत ने सभी को शर्मसार करके रख दिया था।
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