फोटो: सोशल मडिया
उत्तराखंड सचिवालय में काम करने वाले जो अधिकारी और कर्मचारी देर से दफ्तर पहुचतें है उनकी अब खैर नहीं है।
सचिवालय में महीने में तीन दिन लेट दफ्तर पहुंचे वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की आकस्मिक छुट्टी काट ली जाएगी। अगर वो लगातार चार दिन दफ्तर लेट पहुंचते हैं तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही एसएडी ने बॉयोमीट्रिक के साथ उपस्थिति रजिस्टर में हाजिरी लगाना जरूरी करार दिया है।
जांच में ये बात सामने आई है कि कई बार बायोमीट्रिक डिवाइस नहीं चलने की वजह से कर्मचारियों की हाजिरी के बार में पता नहीं लग पाता है। ऐसे में अब दफ्तरों में रजिस्टर भी रखे जाएंगे, जिसमें कर्मचारियों को उपस्थिति दर्ज करना जरूरी होगा। आदेश के अनुसार, कार्यालय समय सुबह साढ़े नौ बजे से शाम छह बजे तक है। सचिवालय अधिकारियों और कर्मचारियों को साढ़े नौ बजे से 9.45 बजे तक और शाम को 6 बजे बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कराना अब जरूरी करार दिया गया है।
ये है सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आदेश:
आदेश के मुताबिक, सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को दफ्तर में समय पर पहुंचना अनिवार्य है। अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी महीने में एक दिन देरी से पहुंचेगा तो उसे मौखिक चेतावनी दी जाएगी। दो बार देरी से कार्यालय पहुंचने पर लिखित चेतावनी दी जाएगी। वहीं, महीने तीन दिन देरी से पहुंचने पर एक आकस्मिक छुट्टी काट ली जाएगी। इसके अलावा अगर कोई कर्मचारी या अधिकारी महीने में चार दिन और उससे ज्यादा दिन देरी से दफ्तर पहुंचता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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