उत्तराखंड समेत आधे हिंदुस्तान में Lockdown का ऐलान, डरिये मत, समझिए इसमें आप क्या कर सकते हैं और क्या नहीं?

पूरे देश में कोरोना वायरस तेजी से पैर पसार रहा है। अब तक इस वायरस की वजह से 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 350 से ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हैं।

इस महामारी से निपटने के लिए उत्तराखंड, पंजाब और दिल्ली को 31 मार्च तक पूरी तरह से lockdown कर दिया गया है। इसके अलावा 75 और जिलों को भी lockdown किया गया है। आपको बताते हैं कि आखिर ये lockdown होता क्या है और इसको लेकर सरकार किस तरह के दिशा निर्देश जारी करती है।

किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार कुछ अहम दिशानिर्देश जारी करती है। Lockdown जैसा कोई शब्द सरकारी नीतियों में नहीं होता है, लेकिन इसका उद्देश्य आपात स्थिति में सरकार के आदेशों का पालन कराना होता है। Epidemic Disease Act 1897 के तहत सरकारें किसी भी महामारी से निपटने के लिए कुछ आवश्यक दिशा निर्देश नागरिकों को दे सकती हैं। नागरिकों को सरकार की सलाह मानने के लिए बाध्य होना पड़ता है, क्योंकि किसी एक की लापरवाही से हज़ारों की जान ख़तरे में पड़ सकती है।

उत्तराखंड को पूरी तरह से Lock Down किया गया है, इसका मतलब ये है कि प्रदेश में अब कोई भी व्यक्ति ग़ैर ज़रूरी काम के बिना घर से नहीं निकल सकता है। प्रदेस में सभी दफ़्तर, कंपनी, दुकानें, मॉल, कैफ़े, सामुदायिक केन्द्र बंद रहेंगे। एक साथ कहीं भी 4 से ज़्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकते हैं, सभी नागरिकों से अपील की जाती है कि वो अपने घरों में मौजूद रहें। Lockdown में सभी तरह के कार्यक्रमों पर रोक होती है। सार्वजनिक स्थल पर कोई इकट्ठा नहीं हो सकता है। सभी सरकारी ट्रांसपोर्ट सर्विस बंद होती हैं।

कहां मिलती है छूट?

Lock Down वाले शहर में कुछ जरूरी सेवाओं की छूट रहती है ताकि नागरिकों को कोई परेशानी ना हो। जैसे दूध की दुकानें खुली रहेंगी, लेकिन एक साथ भीड़ ना इकट्ठी हो। राशन की दुकानें खुली रहेंगी, लेकिन अपील यही होती है कि भीड़ इकट्ठी ना हो और जिसके घर में राशन मौजूद है वो बेवजह राशन की दुकान पर ना जाए। कुछ मामलों में राशन सरकार सीधे घर तक पहुंचाया जाता है। इसके अलावा सब्ज़ी और फ़ल की सप्लाई जारी रहेगी। पेट्रोल पंप खुले रह सकते हैंस लेकिन कुछ जगहों पर स्थानीय प्रशासन इसे बंद भी करा सकता है, जहां ज़्यादा भीड़ की संभावना होती है। निज़ी और सरकारी अस्पताल 24 घंटे खुले रहते हैं। मेडिकल स्टोर 24 घंटे खुले रह सकते हैं।

कौन बाहर निकल सकता है?

 1. पुलिस

 2. डॉक्टर, नर्स

 3. सफ़ाईकर्मी

 4. प्रशासनिक अधिकारी

 5. मीडिया

 6. आवश्यक सामग्री की सप्लाई करने वाले लोग

क्या है कार्रवाई का नियम?

1. IPC की धारा 188 के तहत ज़िला अधिकारी कार्रवाई कर सकता है। अगर कोई व्यक्ति अपनी कोरोना पॉज़िटिव की जानकारी छिपाता है। जैसे की सिंगर कनिका कपूर ने छिपाई तो उसके खिलाफ FIR भी हो सकती है।

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