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अमेरिकी टैरिफ से भारत के ज्वेलरी-कपड़ा इंडस्ट्री में भय, संकट में गुजरात का रोजगार!

US tariff impact: अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ के बाद गुजरात के उद्योग, ज्वैलरी और कपड़ा व्यापार क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है। वहीं, सुब्बाराव ने GDP ग्रोथ में गिरावट की चेतावनी दी है।

अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारतीय वस्तुओं पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद इसका असर (US tariff impact) भारती बाजारों में दिखने लगा है। टैरिफ की वजह से भारत के निर्यात, स्टॉक मार्केट और छोटे-औद्योगिक केन्द्रों में खलबली मची हुई है।

कपड़ा, ज्वेलरी और ऑटो सेक्टर में संकट

  • गुजरात जैसे प्रमुख औद्योगिक राज्य में कपड़े, गहने और कैमिकल उद्योगों में ऑर्डर रद्द होने और प्रतिस्पर्धा खोने का डर है।
  • ज्वेलरी क्षेत्र सबसे ज्यादा संवेदनशील है। मुंबई के SEEPZ में कार्यरत हजारों लोगों की आजीविका खतरे में है।
  • US में स्थितीय कंपनियों को भारत में उत्पादन को वियतनाम या बांग्लादेश जैसी कम टैरिफ वाले देशों में स्थानांतरित करने की बात चल रही है।

जानकारों की चेतावनियां?

पूर्व RBI गवर्नर डी.सुब्बाराव ने चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि आखिर कैसे अमेरिकी टैरिफ (US tariff impact) क भारत पर असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि टैरिफ की वजह से GDP ग्रोथ में 20–50 बेसिस प्वॉइंट्स तक की गिरावट हो सकती है। साथ में जॉब लॉस और भारत की प्रत्यायिक छवि को होने वाले नुकसान का जिक्र किया गया है।

सरकार की प्रतिक्रिया और आगे का रास्ता

मोदी सरकार ने डिफेंस खरीद में ठहराव, ब्राजील-रूस-चीन जैसे देशों के साथ कूटनीतिक मेलजोल तेज करने का रास्ता चुना है। साथ ही, देशभर में अमेरिकी सामान के बहिष्कार की अपील हो रही है।

S&P Global Ratings ने माना है कि भारत की ग्रोथ रेट 6.5 फीसदी पर टैरिफ का न्यूनतम प्रभाव रहेगा, क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था घरेलू चरित्र की है और U.S. व्यापार उसकी GDP का सिर्फ 2 फीसदी हिस्सा है।

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