फोटो: सोशल मीडिया
अल्मोड़ा में किसानों को केसर की खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा।
डीएम नितिन सिंह भदौरिया के निर्देश पर जिले के अलग-अलग विकासखंडों में शेर-ए-कश्मीर कृषि यूनिवर्सिटी से केसर के बल्ब मंगाकर केसर की उन्नत खेती की जा रही है। कई काश्तकार केसर का उत्पादन कर रहे हैं। इसमें कामयाबी मिलने पर जिले के किसानों को केसर की व्यावसायिक खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। फिलहाल ट्रायल के रूप में जिले में तीन सौ किलो केसर बल्ब लगाया गया है। वहीं मुख्य उद्यान अधिकारी टीएन पांडेय ने बताया कि हवालबाग, ताड़ीखेत और लमगड़ा में केसर के बल्ब मंगाकर खेती की जा रही है। उन्होंने ये भी बताया कि ताड़ीखेत ब्लॉक के खनियां में नारायण सिंह, भड़गांव में मोहन चंद्र बेलवाल, हवालबाग ब्लॉक के शीतलाखेत में महेंद्र सिंह नेगी, दिग्विजय सिंह बोरा, रणजीत सिंह बिष्ट, धामस ज्योली के मनोज उपाध्याय केसर उत्पादन से जुड़ खेती कर रहे हैं।
टीएन पांडे ने बताया कि रिसर्च सेंटर कश्मीर के डॉ. तौशीब बानी अलग-अलग जगहों पर केसर उत्पादन की ट्रेनिंग दे रहे हैं। फिलहाल विभाग की तरफ से ट्रायल के रूप में जिले के कई ब्लॉकों में केसर उत्पादन का कार्य किया जा रहा है। केसर उत्पादन में कामयाबी मिलने पर सभी ब्लॉकों में कृषकों को केसर के व्यावसायिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। आपको बता दें कि मार्केट में एक ग्राम केसर की कीमत 200-250 रुपये तक है। 150 पुष्प में एक ग्राम केसर का उत्पादन होता है।
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