उत्तराखंड के अल्मोड़ा में कोरना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन में बहुत सारे एनजीओ जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। इसी कड़ी में आजीविका परियोजना सहयोग से जुड़ी महिलाओं जरूरतमंदों के लिए राशन का इंतेजाम कर रही हैं।
जिले के डीएम नितिन भदौरिया ने मीडिया को बताया कि ये महिलाएं टेक होम राशन और अतिकुपोषित बच्चों के लिए भोजन का इंतेजाम कर रही हैं। आजीविका परियोजना का लॉकडाउन के दौरान एक बड़ा फायदा ये भी हुआ है कि शहर की कई महिलाओं को इसकी वजह से रोजगार भी मिला है। आपको बता दें कि लॉकडाउन के दौरान संगठन के माध्यम से आसपास की महिलाओं को अस्थायी रोजगार मिला है। जिससे इस मुश्किल घड़ी में इन्हें अपना घर चलाने में भी काफी मदद मिल रही है।
वहीं हवालबाग विकास खंड में विकास एवं प्रगति स्वायत्त सहकारिता द्वारा एग्रो प्रोसेसिंग केंद्र में करीब 2500 महिलाएं मास्क तैयार कर रही हैं। साथ ही ये महिलाएं गांव-गांव जाकर खाने-पीने की चीजें जैसे दूध, सब्जी वगैरह लोगों तक पहुंचा रही है। ये महिलाएं इस मुश्किल घड़ी में जिस तरह लोगों की मदद को सामने आई हैं उनकी सराहना पूरी दुनिया में हो रही ह। इंग्लैंड की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में ’स्ट्रांग टू मेंटेन न्यूट्रिशन सिक्योरिटी: लेसन्न फ्राम वुमेन्स फेडरेशन’ की तरफ से प्रकाशित एक लेख इन महिलाओं की तारीफ की गई है। इंग्लैंड तक इन महिलाओं के काम की सराहना होने पर जिला अधिकारी ने समस्त आजिविका संघ की महिलाओं और आइएलएसपी से जुडे कार्यकर्ताओं को बधाई दी है।
(अल्मोड़ा से हरीश भंडारी की रिपोर्ट)
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