उत्तराखंड में किसानों के अच्छे दिन आने वाले हैं। प्रदेश की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार केंद्र की एग्रीकल्चर प्रोड्यूस एंड लाइवस्टॉक मार्केटिंग (एपीएलएम) मॉडल एक्ट अपनाकर किसानों को मार्केटिंग में बड़ी राहत देने वाली है।
इसके लिए उत्तराखंड कृषि उत्पाद मंडी (विकास एवं विनियमन) अधिनियम (एपीएमसी एक्ट) को समाप्त किया जा सकता है। शासन ने इसे लागू करने के लिए कृषि विभाग से प्रस्ताव मांगा है। विभाग के प्रस्ताव के बाद इस पर कोई फैसला किया जा सकता है। इस मॉडल एक्ट के लागू होने से फल-सब्जी उत्पादों पर मंडी शुल्क नहीं लगेगा। इसके साथ ही किसान अपना उत्पाद कहीं भी बेच सकेंगे। इसके लिए मंडी आने की बाध्यता नहीं रहेगी। इसके लागू होने के बाद प्रदेश के करीब 10 लाख किसानों को सीधा फायदा होगा।
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने साल 2017 में एपीएलएम मॉडल एक्ट लागू किया था। इसके साथ ही केंद्र की मोदी सरकार ने सभी राज्यों को मॉडल एक्ट अपनाकर लागू करने के निर्देश दिए थे। केंद्र ने मॉडल एक्ट तैयार किया है उसके मुताबिक फल और सब्जी पर मंडी शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही निजी मंडी, ई-नेम, कांट्रेक्ट फार्मिंग, एकल लाइसेंस व्यवस्था समेत अन्य प्रावधान किए गए हैं।
उत्तराखंड में केंद्र के इस एक्ट के कई प्रावधानों को तो लागू कर दिया गया था, लेकिन फल और सब्जी पर मंडी शुल्क खत्म नहीं किया गया। क्योंकि मंडी शुल्क ही कृषि उत्पादन मंडी समितियों की आय का सबसे बड़ा स्रोत है। अब त्रिवेंद्र सरकार इस मंडी शुल्क को फस और सब्जी पर खत्म कर सकती है।
दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…
उत्तराखंड के जिला सहकारी बैंक से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बैंक…
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रेवतीपुर पश्चिमी में…
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील में वकीलों के साथ कथित उत्पीड़न और…
गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील के ग्राम सभा सेवराई में प्रस्तावित सरकारी अंग्रेजी शराब की…
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में रविवार, 12 अप्रैल 2026 को…
This website uses cookies.