चमोली में आई प्राकृतिक आपदा से अभी हम सभी उभर भी नहीं पाए हैं, एक और तबाही की आहट ने टेंशन बढ़ा दी है।
चमोली जिले में ऋषि गंगा के मुहाने पर बनी झील में करीब 4.80 करोड़ लीटर पानी होने का अनुमान है। नौसेना की टीम ने झील की गहराई आकलन किया है। जिसके बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि इसमें 4.80 करोड़ लीटर पानी जमा हो सकता है। बता दें कि सात फरवरी को चमोली जिले की नीति घाटी में आई जल प्रलय के बाद ऋषि गंगा के मुहाने पर झील बन गई थी।
प्रशासन ने ने वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, आपदा प्रबंधन और सेना के अधिकारियों को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा था। ये जांच दल झील तक पहुंचा तो सामने आया कि 750 मीटर लंबी और आगे बढ़कर संकरी हो रही इस 50 मीटर झील की गहराई आठ मीटर है। इस आकलन के हिसाब से झील में करीब 48 हजार घन मीटर पानी है। झील की गहराई की जानकारी मिलने के बाद अब शासन के लिए खतरे का आकलन करना भी आसान हो गया है। झील की लंबाई, चौड़ाई और गहराई के हिसाब से करीब 4.80 करोड़ लीटर पानी होने का अनुमान है। यह झील अगर इतने ही पानी की वजह से टूटती है तो निचले हिस्से में खासी तबाई की आशंका है।
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