फोटो: सोशल मीडिया
चमोली में नंदप्रयाग-घाट 19 किमी की सड़क डेढ़ लेन बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
कई दिनों से अनशन पर बैठे अनशनकारियों का स्वास्थ्य गिरने लगा है। अनशन खत्म कराने को लेकर पुलिस और अनशनकारियों में झड़प हो गई। जिससे गुस्साए दो आंदोलनकारी मोबाइल टॉवर पर चढ़ गए। सूचना मिलने पर मौके पहुंची पुलिस ने दोनों को टॉवर से उतारने की काफी कोशिश की। करीब 27 घंटे तक आंदोलनकारी टॉवर पर चढ़े रहे। फिर ग्रामीणों के समझाने पर वो उतरे, लेकिन धरना-भूख हड़ताल अभी भी जारी है। पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी समर्थन में पहुंचे।
आपको बता दें कि नंदप्रयाग-घाट सड़क डेढ़ लेन बनाने की मांग को लेकर व्यापार संघ और टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में समर्थक पांच दिसंबर से धरने पर बैठे हैं। मांग पर कार्रवाई नहीं होने पर 10 जनवरी से उन्होंने आमरण अनशन शुरू कर दिया। आंदोलनकारियों को समर्थन देने के लिए गुरुवार को बड़ी संख्या में महिलाएं भी धरने पर बैठ गईं।
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