उत्तराखंड में मानसून जाते जाते भी कहर बरपा रहा है। चमोली जिले में आज तड़के बादल फटने की घटना से तबाही मच गई है।
जिले के नारायणबगड़ में तड़के बादल फटने की घटना में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के मजदूरों के करीब 15 टेंट मलबे में दब गए। वहीं मलबे से कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे भी बंद हो गया है। मार्ग को खोलने का काम शुरू कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह नारायणबगड़ के पंती कस्बे के ऊपरी भाग में करीब 6 बजे बादल फटने से मंगरीगाड़ में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इससे सड़क पर खडी दो बाइक पहाड़ी से आए मलबे में दब गई।
वहीं, आवासीय मकानों में भी मलबा घुस गया है। उधर, भूस्खलन से कर्णप्रयाग ग्वालदम हाईवे भी बंद हो गया है। वहीं, दूसरी ओर ऋषिकेश की चंद्रभागा नदी अचानक उफान पर आ गई। इससे चंद्रभागा पुल के नीचे खड़े लोडर वाहन वहां फंस गए। मौसम विभाग ने आज से चार दिन देहरादून और नैनीताल समेत पांच जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई हुई है।
मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार से गुरुवार तक देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। जबकि अन्य क्षेत्रों में गरज के साथ बौछार पडऩे की आशंका है।
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