तो उत्तराखंड में इस वजह से फटा ‘कोरोना बम’? क्या है असली वजह, और कौन है जिम्मेदार, पढ़िए

उत्तराखंड में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद आखिरकार प्रशासन हरकत में आया है। बाहर से रेड जोन में आ रहे प्रवासियों को अल्मोड़ा के होटलों में क्वारंटाइन किया जा रहा है।

उत्तराखंड हाईकोर्ट के द्वारा रेड जोन से आ रहे प्रवसियों को संस्थागत क्वारंटाइन कराने के आदेश के बाद शनिवार  को मुंबई से अल्मोड़ा पहुंचे 42 लोगों को अल्मोड़ा में विभिन्न होटलों में संस्थागत क्वारंटाइन किया गया है। बता दें कि अल्मोड़ा जिले में लगातार प्रवासियों के आने का सिलसिला जारी है। अभी तक अल्मोड़ा जिले में 22 हजार से ज्यादा प्रवासी पहुंच चुके हैं।

इससे पहले बाहर से आ रहे प्रवासियों को सिर्फ होम क्वारंटाइन किया जा रहा था, लेकिन उत्तराखंड हाईकोर्ट द्वारा पिछले दिनों रेड जोन से आ रहे प्रवासियों को संस्थागत क्वारंटाइन कराए जाने के आदेश के बाद आज अल्मोड़ा में रेड जोन मुंबई से पहुंचे 42 लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन किया गया। एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने बताया कि विगत दो दिनों से रेड जोन से आ रहे लोगो को संस्थागत क्वारंटाइन किया जा रहा है।

अभी तक 100 के लगभग लोगों को सुनीता होटल, होटल डीनापानी और कुमाऊं मंडल विकास निगम के हॉलिडे होम में संस्थागत क्वारंटाइन किया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक अल्मोड़ा जिले में 22 हजार से अधिक प्रवासी पहुंच चुके हैं।

इसे भी पढ़ें: उत्तराखंड में इस समस्या पर नहीं दिया गया ध्यान तो गांवों में फट सकता है ‘कोरोना बम’!

इससे पहले लगातार प्रदेश के गावों में लोग यह शिकायत कर रहे थे कि प्रवासियों को क्वारंटाइन के लिए प्रशासन द्वारा कोई इतंजाम नहीं किए गए थे। प्रवासियों को होम क्वारंटाइन रहने के लिए कहा गया था। इसकी जिम्मेदारी गांवों के प्रधानों को दी गई थी। ऐसे में गांवों के प्रधान बजट और व्यवस्था नहीं होने का हवाला दे रहे थे। इस बीच राज्य के दर्जनों गांवों में प्रासियों को लेकर वह सावधानी नहीं बरती गई जो बरती जानी चाहिए थी। शायद यही वजह है कि अचानक कोरोना मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उत्तराखंड में इस हफ्ते तेजी से कोरोना के मामले बढ़े हैं। शनिवार को एक दिन में सबसे ज्यादा 72 नए केस सामने आए हैं, जिससे हड़कंप मच गया है। सवाल यह पूछा जा रहा है कि क्या प्रवासियों को लेकर नहीं बरती सावधानी की वजह से अचानक राज्य में कोरोना के मामले उछाल आया है?

(अल्मोड़ा से हरीश भंडारी की रिपोर्ट)

newsnukkad18

Recent Posts

उत्तराखंड: UTU में कथित पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का मार्च, उच्च शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच उत्तराखंड में भी प्रश्नपत्र लीक का…

1 month ago

प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद फैसला

केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को…

1 month ago

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने खत्म किया आंदोलन, छात्रों से की जंतर-मंतर खाली करने की अपील

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन…

1 month ago

चमोली विकास परियोजनाएं: गोपेश्वर से सीएम धामी का बड़ा ऐलान, 155 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी

उत्तराखंड के चमोली विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह…

2 months ago

बद्रीनाथ मंदिर दान: अनियमितताओं की जांच के बीच BKTC कोषाध्यक्ष का तबादला, CEO ने दी सफाई

उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित श्री बद्रीनाथ धाम में दान के प्रबंधन को लेकर सामने…

2 months ago

दिल्ली का पुनर्वास मॉडल सवालों के घेरे में, क्या गरीबों को शहर से बाहर धकेला जा रहा है?

दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…

4 months ago

This website uses cookies.