देहरादून में एक प्रोफेसर से अभद्र व्यवहार करने के आरोप में सिपाही को डीजीपी ने निलम्बित करने का आदेश दिया है।
साथ ही प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने के भी निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि 31 मार्च को डीजीपी अशोक कुमार को एक प्रोफेसर ने सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत प्रेषित की, जिसमें उल्लेख किया गया था कि एक संदिग्ध व्यक्ति उनके घर के आसपास पड़ा हुआ था, जो लगभग 15 मिनट से नहीं मिल रहा था। इसकी सूचना उनके द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई।
कंट्रोल रूम द्वारा उक्त सूचना को थाना पटेलनगर को देकर मोबाइल नंबर देते हुए बताया गया कि ये आप से संपर्क करेंगे। कुछ देर बाद सिपाही ने मोबाइल से फोन पर प्रोफेसर से संपर्क किया। उनके द्वारा जब संदिग्ध पड़े व्यक्ति को चेक करने के लिए बोला गया, तो उक्त कांस्टेबल ने उनसे दुर्व्यवहार करते हुए कोविड आदि का बहाना कर मना कर दिया।
डीजीपी ने प्रकरण की प्रारम्भिक जांच करायी तो आरोप सही पाए गए। इस पर सम्बन्धित सिपाही को निलम्बित करने के निर्देश दिए गए। डीजीपी ने कहा कि ड्यूटी के दौरान ऐसा व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। जो भी पुलिसकर्मी ड्यूटी में ढिलाई बरतेगा उसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस अधीक्षक, नगर, देहरादून से उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराते हुए 15 दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रेषित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून को निर्देशित किया है।
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