कोरोना महामारी से जूझ रहे देश में पिछले तीन महीने बहुत कुछ ऐसा हुआ जो शायद ही पहले कभी हुआ था। उसी तरह देहरादून में हर साल होने वाली IMA यानि इंडियन मिलिट्री अकादमी की पासिंग आउट परेड में बहुत कुछ इतिहास में पहली बार हुआ।
87 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब कैडेट्स ने पासिंग आउट परेड में मुंह पर मास्क लगाए परेड किया। महामारी की वजह से कैडेट्स के परिजन भी परेड में शामिल नहीं हो सके। आपको बता दें कि शनिवार को भारतीय थल सेना में 333 कैडेट्स शामिल हुए। परेड में 9 मित्र देशों से 90 जेंटलमैन कैडेट्स समेत देश-विदेश के कुल 423 जेंटलमैन कैडेट्स ने हिस्सा लिया। सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाने ने परेड का निरीक्षण किया। कैडेट्स को भारतीय सेना की शपथ दिलाई। उत्तराखंड के 31-31 कैडेट्स सेना में अफसर बने।
हमेशा पासिंग आउट परेड के बाद अफसरों को 15 से 20 दिन की छुट्टी दी जाती थी। उसके बाद ही उन्हें ड्यूटी ज्वाइन कराई जाती थी, लेकिन इस बार पास आउट कैडेट्स को अफसर बनने के 24 घंटे के भीतर तैनाती दी जा रही है। इसकी वजह ये है कि कोरोना के इस दौर में छुट्टी के बाद ट्रैवल करना सेफ नहीं।
इस साल से पहले परेड के लिए 10 ग्रुप बनाए जाते थे और दो कैडेट्स के बीच 0.5 मीटर की दूरी होती थी, लेकिन इस बार कोरोना महामारी की वजह से दो कैडेट्स के बीच में 2 मीटर की रखी गई। हर किसी को मास्क और हाथों में ग्लव्स पहनना अनिवार्य किया गया। ग्रुप को भी घटाकर 8 किया गया।
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