उत्तराखंड ग्रामीण बैंग की गदरपुर के पूर्व शाखा प्रबंधक को रिश्वतखोरी के मामले में सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने रिश्वतखोर पूर्व शाखा प्रबंधक को 7 साल की सजा सुनाई है।
इस मामले में कोर्ट ने पूर्व चपरासी को भी दोषी करार दिया है। चपरासी को 5 साल कैद की सजा हुई है। इसके साथ ही कोर्ट ने पूर्व शाखा प्रबंधक पर 30 हजार रुपये और चपरासी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। ये मामला 2018 का है। ऊधम सिंह नगर के गदरपुर के रहने वाले रूप चंद नाम के व्यक्ति ने बैंक से डेयरी लोन के लिए आवेदन किया था। रूप चंद को इसके तहत 2.40 लाख रुपये सितंबर, 2018 में बैंक द्वारा जारी किया जाना था। शाखा प्रबंधक ने 40 हजार रुपये तो जारी कर दिया। बाकी के पैसे को जारी करने के लिए उसने 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। पीड़ित रूप चंद ने इस बात की शिकायत सीबीआई में कर दी।
सीबीआई ने शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया। इस दौरान सीबीआई की टीम ने छापा मारकर शाखा प्रबंधक को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही सीबीआई ने बैंक के तत्कालीन चपरासी को भी गिरफ्तार किया। सीबीआई ने इस मामले में 11 गवाह पेश किए। गवाहों और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने दोनों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
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