उत्तराखंड हाई कोर्ट ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन आवास और गाड़ी जैसी सुविधाएं देने को गैरकानूनी करार दिया है।
एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश दिया कि पूर्व मुख्यमंत्री 6 महीने के भीतर बाजार दर से बकाया किराया जमा कराएं। कोर्ट ने मुख्यमंत्रियों द्वारा ये सुविधा लिए जाने को बेहद आपत्तिजनक बताया और इस पर नाराजगी जताई। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ ने देहरादून जनहित याचिका पर 26 फरवरी को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था और गुरुवार को फैसला सुनाया।
इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक और विजय बहुगुणा की ओर से कोर्ट में कहा गया था कि उन्होंने सरकार की ओर से निर्धारित धनराशि जमा कर दी है। वहीं पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी ने किराया जमा करने में असमर्थता जताई थी। याचिका में कहा गया था कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को असंवैधानिक तरीके से आवास आवंटित किए गए थे।
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