कोरोना वायरस के खिलाफ भारत समेत पूरी दुनिया में जंग जारी है। कोविड-19 की रोकथाम के लिए पूरे विश्व में लॉकडाउन चल रहा है।
कोरोना की चपेट में आकर दुनिया भर में अब तक लाखों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। लाखों लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। इस बीच लाखों लोग अपने घरों में कैद होकर जीवन जीने को मजबूर हैं। लॉकडाउन की वजह से कई ऐसे लोग भी हैं, जो फंस कर रहे गए हैं। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या उन लोगों के सामने खड़ी हुई है जो रोज कमाकर खाने वाले थे। गरीब, असहाय और निर्धन लोगों के सामने रोजगार और जीवन का संकट खड़ा हो गया है। उत्तराखंड की बात करें तो प्रदेश के दूरगामी क्षेत्रों में बसे गांव में रह रहे लोगों को भी इस लॉकडाउन के चलते कई समस्याओं का समाना करना पढ़ रहा है।
राज्य में शहरों से हजारों की संख्या में पहाड़ी नौजवान लॉकडाउन के चलते अपने घरों को लौटे हैं। पहाड़ पर रोजगार का कोई साधन न होने की वजह से इन लोगों के सामने अपने परिवारों को पालने का संकट खड़ा हो गया है। इस मुश्किल घड़ी में पहाड़ के लिए हर आपदा की स्थिति में काम करने वाले कई सामाजिक संगठन ऐसे लोगों के लिए वरदान बनकर खड़े हो गए हैं। ये संगठन बेबस लोगों के लिए खाद्य सामग्री व्यवस्था के साथ-साथ तमाम उन सुविधाओं की व्यवस्था भी कर रहे हैं, जिनकी इन लोगों को तत्काल आवश्यकता है।
इस कड़ी में हंस फाउंडेशन के सानिध्य में समाजसेवी और वकील संजय शर्मा दरमोड़ा पहाड़ के जरूरतमंद और लोक कालाकारों के लिए नई जमीन तैयार करने के लिए दिन रात सेवा में लगे हैं। अपने गृह जनपद रूद्रप्रयाग के दूरगामी क्षेत्रों में लॉकडाउन में फंसे हजारों गरीब और असहाय परिवारों तक संजय दरमोड़ा खाद्य सामग्री पहुंचा चुके हैं। इस के साथ संजय शर्मा दरमोड़ा रूद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल के साथ मिलकर रूद्रप्रयाग जिले के नौजवानों के लिए बहुत जल्द रोजगर के कई अवसर उपलब्ध करवाने जा रहे हैं, जिसमें माता मंगला जी एंव भोले जी महाराज का पूरा सहयोग उन्हें मिल रहा है।
संजय शर्मा दरमोड़ा कहते हैं कि ये हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि इस संकट के समय में पहाड़ के लिए समर्पित आईएएस मंगेश घिल्डियाल का सहयोग निरंतर रूद्रप्रयाग जिले के जरूरतमंद लोगों को मिल रहा है। इसके लिए वो हंस फाउंडेशन के प्रेरणास्रोत माता मंगला एवं भोले जी महाराज जी का भी धन्यवाद करते कहते हैं कि रूद्रप्रयाग के जरूरतमंद परिवारों को कई स्तर पर हंस फाउंडेशन का सहयोग उन्हें मिल रहा है। यकीनन कोविड-19 के संक्रमण के चलते संघर्षों से गुजरते पहाड़ वासियों के लिए यह सुकून देने वाली बात हैं कि उनके साथ आईएएस मंगेश घिल्डियाल जैसे अधिकारी हैं, तो समाज सेवी के तौर संजय शर्मा दरमोड़ा जैसा व्यक्तित्व खड़ा हैं, जो पहाड़ को हारने नहीं देगा और पहाड़ को टूटने नहीं देगा।
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