उत्तराखंड के अल्मोड़ा में मनरेगा कर्मियों पर दोहरी मार पड़ी है। पहली तो उन्हें पांच महीने से सैलरी नहीं मिली है।
दूसरी ये कि कई विकास खंडों में नई नियुक्तियां होने से अब उन्हें अपने भविष्य की चिंता सता रही है। तड़ीखेत के मनरेगा कर्मियों को भनक लगी कि उनके इलाके में नई नियुक्तियां की जा रही हैं। जिसके बाद वहां कार्यरत मनरेगा कर्मियों ने जिला विकास अधिकार को ज्ञापन सौंप कर उनकी बकाया सैलरी देने और नई नियुक्तियों पर रोक लगाने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना काल में मनरेगा के तहत प्रवासियों को रोजगार मुहैया करने के लिए अहम योगदान दिया गया है।
आपको बता दें कि विकासखंडों में 100 से अधिक अभियंताओ को मनरेगा के निर्माण कार्यो के लिये संविदा में रखा गया है। लेकिन इन्हें कई महीने से वेतन नहीं मिला है। जिसको लेकर इन अभियंताओ ने आज सीडीओ कार्यालय में जाकर अपनी गुहार लगाई और कहा कि अगर उनका वेतन का भुगतान नही किया गया तो वो जनपद के सभी विकासखंडों में आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
अल्मोड़ा से हरीश भंडारी की रिपोर्ट
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